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विकास दुबे कांड: जिस जमीन की वजह से बिकरू कांड हुआ वो न बिकी न उस पर खेती हुई, अब सामने आया ये सच

Fri, 02 Jul 2021 04:04 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 02 Jul 2021 04:04 PM IST
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Vikas Dubey Kand: land which led to the Bikaru incident was neither sold nor cultivated
विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ और फिर बिकरू कांड हुआ। उस जमीन को आज भी न बेचा गया न ही खेती होती है। वारदात के बाद से जमीन को लेकर कोई मुद्दा ही नहीं उठा। वहीं जिस केस में विकास दुबे के घर पर दबिश पड़ी थी उसमें पुलिस पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। बिकरू कांड से पहले 27 जून 2020 को क्षेत्र के जादेपुर घस्सा गांव निवासी राहुल तिवारी ने पुलिस को तहरीर दी थी कि उसकी ससुराल क्षेत्र के ही मोहनी निवादा गांव में है। ससुर लल्लन शुक्ला की मौत हो चुकी है, तीन बेटियों में बीच वाली बेटी उसे ब्याही है, जबकि बड़ी बेटी की ससुराल भी क्षेत्र के ही गौरी लक्खा गांव में है। तीसरी बेटी की शादी होनी बाकी है। बताया था कि कोई बेटा न होने से ससुर लल्लन शुक्ला ने अपने भांजे सुनील को गोद ले रखा था। खेती-बाड़ी की देखरेख सुनील ही कर रहा था। ससुर लल्लन शुक्ला की मौत के बाद सुनील पूरी तरह से जायदाद पर काबिज हो गया।

 
Vikas Dubey Kand: land which led to the Bikaru incident was neither sold nor cultivated
विकास दुबे कांड - फोटो : amar ujala
सुनील को विकास दुबे की पारिवारिक बहन समीक्षा पुत्री बालगोविंद ब्याही थी। तहरीर में राहुल ने बताया था कि वह अपने छोटी साली की शादी के लिए ससुर की कुछ जमीन बेचना चाहता है, लेकिन सुनील व बाल गोविंद पूरी जायदाद पर नजर गड़ाए थे। मामले की शिकायत के बाद तत्कालीन एसओ विनय तिवारी राहुल को लेकर मामले के निपटारे के लिए 1 जुलाई को विकास दुबे के घर गए थे, जहां विकास व उसके गुर्गों ने एसओ के सामने ही राहुल को जमकर मारा पीटा था।

 
Vikas Dubey Kand: land which led to the Bikaru incident was neither sold nor cultivated
विकास दुबे एवं पत्नी रिचा दुबे - फोटो : amar ujala
राहुल ने दोबारा मामले की शिकायत क्षेत्राधिकारी बिल्हौर से की थी। जिसके बाद सीओ के हस्तक्षेप पर मामला थाने में दर्ज हुआ था। इसके अगले ही दिन 2 जुलाई की रात सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा, चौबेपुर, शिवराजपुर व बिठूर थाने का पुलिस बल लेकर बिकरू गांव विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए पहुंचे थे। मामले में थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय ने बताया कि उक्त भूमि पर यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश हैं। दोबारा मामले में किसी की ओर से भी कोई प्रार्थना पत्र अधिकारियों को नहीं दिया गया है।

 
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Vikas Dubey Kand: land which led to the Bikaru incident was neither sold nor cultivated
विकास दुबे, अमर दुबे, प्रभात मिश्रा - फोटो : amar ujala
राहुल को मोहरा बनाने वाले अब राजनीति में सक्रिय
बिकरू कांड का वैसे तो मास्टर माइंड कुख्यात विकास दुबे ही था, लेकिन शातिर विकास दुबे से सामने लड़ने की हैसियत न रखने वाले चौबेपुर का एक नेता भी बिकरू कांड में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल था जो जादेपुर घस्सा की करीब छह बीघा विवादित भूमि को औने पौने दाम में लेने के लिए राहुल तिवारी को मोहरा बनाकर पूरे षड्यंत्र के तहत लगा हुआ था।

 
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Vikas Dubey Kand: land which led to the Bikaru incident was neither sold nor cultivated
विकास दुबे मुठभेड़ में मारा गया था - फोटो : सोशल मीडिया
चौबेपुर के सूत्रों की मानें तो बसपा का चोला ओढ़कर मंदिर की जमीन पर कब्जा कर हैसियत बनाने के बाद सपा सरकार में एक बड़ी फैक्टरी खोलने वाला शख्स विकास दुबे के सामने राजनीतिक दबदबा नहीं बना सका। विकास दुबे का शिवराजपुर और चौबेपुर में ब्लाक प्रमुख पद से लेकर जिला पंचायत सीटों पर सीधा हस्तक्षेप था। विकास दुबे के आपराधिक इतिहास को आधार बनाकर इसी ने राहुल तिवारी को उकसाया था।

 
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