विकास दुबे कांड में एक और बड़ा खुलासा, राज्यपाल की मंजूरी के बगैर बेची गई थी सेमी ऑटोमैटिक राइफल

सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 08 Aug 2020 09:43 AM IST
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कानपुर के बिकरू कांड की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। दहशतगर्द विकास दुबे का भाई दीपक जिस सेमी ऑटोमैटिक राइफल को रखता था, उसे नेशनल गन हाउस से खरीदा गया था। बगैर राज्यपाल की मंजूरी के गन हाउस मालिक ऐसी राइफल नहीं बेच सकता है। लिहाजा खरीदने वाले के साथ-साथ बेचने वाला भी दोषी है। जांच में गन हाउस मालिक भी शामिल हो गया है। जल्द उससे पूछताछ हो सकती है।

 
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बिकरू में दो जुलाई की रात इस राइफल से भी चली थी गोलियां
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि दीपक ने अपने लाइसेंस पर सेमी ऑटोमैटिक राइफल खरीद रखी है। इसका इस्तेमाल विकास करता था। इस राइफल से भी वारदात की रात गोलियां चलाईं गईं थीं। नियमानुसार सामान्य राइफल के लाइसेंस पर सेमी ऑटोमैटिक राइफल नहीं खरीदी जा सकती है। जांच में पता चला कि मेस्टर्न रोड स्थित नेशनल गन हाउस से दीपक ने सन् 2010 में राइफल खरीदी थी। सामान्य राइफल के लाइसेंस पर सेमी ऑटोमैटिक राइफल देने से गन हाउस की मिलीभगत सामने आई है। राइफल खरीदने संबंधी दस्तावेज पुलिस ने जुटा लिए हैं।  

 
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मोटी रकम वसूली गई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विकास और दीपक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिर भी उनको शस्त्र लाइसेंस मिल गए। यही नहीं अवैध तरीके से सेमी ऑटोमैटिक राइफल भी खरीद ली। ये पूरा खेल पैसों के दम पर हुआ। इसमें दहशतगर्दों का साथ पुलिस और गन हाउस मालिक ने भी दिया। आशंका है कि गन हाउस मालिक विकास का परिचित है। इसलिए जो उसने कहा, वही किया। इसके बदले में उसने कई लाख रुपये अतिरिक्त भी लिए थे। हालांकि ये सभी तथ्य जांच में स्पष्ट होंगे।



 
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इसकी जांच जारी
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि दहशतगर्द का गुर्गा आरोपी शिव तिवारी के पास भी सेमी ऑटोमैटिक राइफल है। इसलिए पुलिस ने उसका ब्यौरा खंगालना शुरू किया है। पता किया जा रहा है कि आखिर यह राइफल कहां से खरीदी गई है। सूत्रों के मुताबिक जहां से दीपक ने राइफल खरीदी, वहीं से शिव ने भी ली थी। इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है।

 
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सेमी ऑटोमैटिक राइफल के लिए राज्यपाल की मंजूरी जरूरी होती है। दीपक के पास सेमी ऑटोमैटिक राइफल है। जो अवैध तरीके से खरीदी गई है। जांच में जिस गन हाउस का नाम आया है, उसकी जांच कराई जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई होगी। 
बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी ग्रामीण
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