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विकास दुबे के एनकाउंटर न होने की मंत्री ने ली थी गारंटी, तय योजना के तहत सब हुआ, लेकिन...
Sat, 11 Jul 2020 10:19 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 11 Jul 2020 10:19 AM IST
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Kanpur encounter
- फोटो : अमर उजाला
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कुख्यात अपराधी विकास दुबे के मारे जाने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं। दहशतगर्द विकास दुबे को एक मंत्री ने शरण दी। कारोबारी का भी उसे साथ मिला और वो वकील के दिमाग से चलता रहा। उससे पूछताछ करने में शामिल कानपुर पुलिस के एक अधिकारी ने इसका खुलासा किया। योजना बनाकर उसे महाकाल मंदिर भेजकर उसकी गिरफ्तारी कराई गई। नेताओं को ढाल बनाकर ही वो इतने दिनों तक फरार घूमता रहा। विकास दुबे से पूछताछ में राजनीतिक संरक्षण की पुष्टि हुई है।
kanpur encounter
- फोटो : amar ujala
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंत्री ने विकास से कहा था कि उसे एनकाउंटर से बचा लेंगे। बस या तो वो कोर्ट में सरेंडर कर दे या फिर सार्वजनिक तौर पर गिरफ्तारी हो जाए, जो मीडिया में वायरल हो जाए। विकास कोर्ट में सरेंडर करने से खौफ खा रहा था। इसलिए मंत्री, वकील और कारोबारी ने उसको आइडिया दिया कि यूपी के अलावा किसी दूसरे राज्य में सार्वजनिक गिरफ्तारी दे दे। इसके लिए मध्य प्रदेश को चुना। मंत्री जी का मध्य प्रदेश में दबदबा भी है। तय योजना के तहत सब हुआ भी। विकास ने सीसीटीवी से लैस महाकाल मंदिर में गिरफ्तारी दी और शोर मचाकर अपना नाम भी बताया।
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- फोटो : amar ujala
थानेदार और सीओ को हटाने पर बड़ा संदेह
उज्जैन के जिस थाना क्षेत्र में विकास दुबे गिरफ्तार हुआ वहां के थानेदार और सर्किल ऑफिसर को एक दिन पहले ही शाम को हटाया गया था। इससे बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि साजिश के तहत गिरफ्तारी कराने के लिए खास थानेदार व सीओ को पोस्ट किया गया। उसके बाद गिरफ्तारी हुई। ऐसे कई सवाल हैं जो अनसुलझे हैं।
उज्जैन के जिस थाना क्षेत्र में विकास दुबे गिरफ्तार हुआ वहां के थानेदार और सर्किल ऑफिसर को एक दिन पहले ही शाम को हटाया गया था। इससे बहुत बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आशंका है कि साजिश के तहत गिरफ्तारी कराने के लिए खास थानेदार व सीओ को पोस्ट किया गया। उसके बाद गिरफ्तारी हुई। ऐसे कई सवाल हैं जो अनसुलझे हैं।
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vikas dubey kanpur
- फोटो : सोशल मीडिया
आपको बता दें कि उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किए गए सीओ समेत आठ पुलिस वालों के हत्यारे विकास दुबे को शुक्रवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। बृहस्पतिवार देर शाम को पांच लाख के इनामी विकास को उज्जैन से लेकर चली पुलिस की एक गाड़ी सचेंडी थाना क्षेत्र के भौंती हाईवे पर पलट गई। इस गाड़ी में सवार विकास दुबे इंस्पेक्टर की पिस्टल लूटकर भागने लगा।
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vikas dubey
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने पीछा किया तो फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में विकास मारा गया। मुठभेड़ में एसटीएफ के दो सिपाहियों को गोली लगी, जबकि कार पलटने से नवाबगंज इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। दो जुलाई की रात चौबेपुर गांव के बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिस वालों की हत्या करने के बाद से विकास दुबे फरार था।