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विकास दुबे कांड: जांच में तेजी लाने को तीन और इंस्पेक्टर लगाए गए, जल्द सामने आएगा उस काली रात का सच
Tue, 08 Sep 2020 10:56 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 08 Sep 2020 10:56 AM IST
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के बिकरू कांड की जांच जल्द से जल्द पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने के लिए डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने तीन और इंस्पेक्टरों को लगाया है। मुख्य विवेचक के साथ बाकी तीन इंस्पेक्टर सह विवेचक के रूप में काम कर रहे हैं।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
एसपी ग्रामीण ने बताया कि डीआईजी ने विवेचक रेलबाजार थाना प्रभारी दधिबल तिवारी के साथ इंस्पेक्टर नजीराबाद ज्ञान सिंह, चौबेपुर थाना प्रभारी कृष्ण मोहन राय और शिवराजपुर थाना प्रभारी शेष नारायण पांडेय को लगाया है।
विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
मुख्य विवेचक का स्वास्थ्य खराब होने के चलते कोतवाली प्रभारी संजीव कांत मिश्रा को उनकी जिम्मेदारी दी गई है। चार्जशीट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। गैंग में शामिल अपराधियों के खिलाफ रासुका लगाने के लिए विवेचक ने फाइल तैयार कर ली है। ताकि उन्हें जमानत न मिल सके।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
अभी तक पुलिस इस मामले में 21 लोगों को जेल भेज चुकी है। विकास के सात साथी सरेंडर कर चुके हैं। वहीं इस घटना में शामिल कुछ बदमाश अभी तक फरार चल रहे हैं। जिन्हें ढूंढने के लिए यूपी एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं।