{"_id":"5ff972921538ea716a641b4b","slug":"up-software-engineer-daughter-in-law-was-murdered-in-kanpur-five-page-forensic-report-after-15-days","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"यूपी: सॉफ्टवेयर इंजीनियर बहू की हुई थी हत्या, 15 दिन बाद सौंपी पांच पन्ने की फोरेंसिक रिपोर्ट, उलझी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: सॉफ्टवेयर इंजीनियर बहू की हुई थी हत्या, 15 दिन बाद सौंपी पांच पन्ने की फोरेंसिक रिपोर्ट, उलझी पुलिस
Sat, 09 Jan 2021 02:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 09 Jan 2021 02:39 PM IST
विज्ञापन
आरजू हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
आरजू हत्याकांड के 15 दिन बाद शुक्रवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट ने रिपोर्ट पुलिस को सौंपी दी है। पांच पन्ने की रिपोर्ट आरजू की मौत को हादसा बता रही है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट दम घुटने से मौत की पुष्टि कर रही है। हत्या या हादसा में उलझी पुलिस दोनों रिपोर्टों पर विशेषज्ञों की राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
कानपुर में इंजीनियर बहू की हत्या: मृतका आरजू
- फोटो : amar ujala
मध्यप्रदेश के शहडोल निवासी इंजीनियर आरजू गुप्ता का शव 25 दिसंबर को नौबस्ता गोशाला डब्ल्यू ब्लॉक स्थित ससुराल में बाथरूम में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम में आरजू के शरीर पर सात चोटों के निशान पाए गए थे। मौत का कारण स्मूथरिंग (दम घुटने से मौत) बताया गया था। मामले में ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरजू के पति अमनदीप को जेल भेज दिया था।
बिलखते आरजू के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट में फोरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया है कि बाथरूम में लगे गैस गीजर में वर्ष 2019 में एलपीजी गैस सिलेंडर लगाया गया था। इसका उपयोग 8 दिसंबर 2020 से शुरू हुआ था। मौके से सिलिंडर में एक किलो गैस मिली थी। 17 दिनों में घर के पांच सदस्यों के बीच सिलिंडर का खाली होना नामुमकिन है। यानि गैस लीक हो रही थी। एलपीजी में प्रोपेन व ब्यूटेन गैस होती है, जो हवा से भारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंजीनियर आरजू गुप्ता (मृतका)
- फोटो : amar ujala
लीकेज होने की स्थिति में गैसें जमीन की सतह से ढाई फीट ऊंचाई तक जाकर ठहर जाती हैं। रिपोर्ट में लिखा है कि गीजर की टोटी खोलते वक्त गैस बाहर निकल रही थी। इस केस में यही लग रहा है। किसी कारण से आरजू बेहोश होकर मुंह के बल गिरकर बेहोश हुई। सतह पर जमी गैस ने उसकी जान ले ली। फोरेंसिक टीम ने आरजू की मौत की वजह सफोकेशन स्मूथरिंग बताई है।
विज्ञापन
पति के साथ आरजू की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
दो सवालों के जवाब नहीं
हालांकि फोरेंसिक एक्सपर्ट दो सवालों के जवाब नहीं दे सके हैं। पहला यह कि बाथरूम में अगर गैस का रिसाव हुआ तो उसकी महक आरजू को क्यों नहीं लगी। दूसरा यह कि पाटे के पलटने पर तेज आवाज हुई होगी। ऐसे में कमरे में लेटे अमनदीप को आवाज क्यों नहीं सुनाई दी। पुलिस अब दोनों रिपोर्टों पर विशेषज्ञों की राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
हालांकि फोरेंसिक एक्सपर्ट दो सवालों के जवाब नहीं दे सके हैं। पहला यह कि बाथरूम में अगर गैस का रिसाव हुआ तो उसकी महक आरजू को क्यों नहीं लगी। दूसरा यह कि पाटे के पलटने पर तेज आवाज हुई होगी। ऐसे में कमरे में लेटे अमनदीप को आवाज क्यों नहीं सुनाई दी। पुलिस अब दोनों रिपोर्टों पर विशेषज्ञों की राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।