यूपी के हमीरपुर की बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह लोगों की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल पांच नंबर पिलर को लेकर है। हादसे में करीब 60 मीटर लंबा निर्माणाधीन हिस्सा ढहने से 37 मीटर गहरी नींव, 2.75 मीटर व्यास, 32 एमएम सरिया और कंक्रीट से तैयार हुआ यह पिलर भी टूट गया। अब इस पिलर के निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोमवार को तकनीकी टीम के सामने यह बड़ा सवाल होगा।
घटना स्थल पर मौजूद क्षतिग्रस्त हिस्से से स्पष्ट है कि पिलर नंबर पांच हादसे का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। पिलर का ऊपरी हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कंक्रीट टूटकर अलग हुई है और कई स्थानों पर सरिया दिखाई दे रही है।
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Hamirpur Betwa Bridge Tragedy
- फोटो : amar ujala
निर्माण से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस पिलर में 32 एमएम तक की सरिया का प्रयोग किया गया था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी भारी और मजबूत मानी जाने वाली संरचना इतनी गंभीर क्षति का शिकार कैसे हुई।
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टूटा पिलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लगाए जा चुके थे कुल 21 सेगमेंट
हादसे वाले हिस्से में पिलर 5 और पिलर 6 के बीच स्पैन का निर्माण अंतिम चरण में था। सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार कुल 21 सेगमेंट लगाए जा चुके थे। स्टील स्ट्रैंड भी डाले जा चुके थे और अगला चरण प्री-स्ट्रेसिंग का था। स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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टूटा पिलर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में पुल का निर्माण हो रहा है, वहां बेतवा नदी से निकलने वाली रेत की गुणवत्ता को लेकर पहले भी चर्चाएं होती रही हैं। ऐसे में अब यह भी देखा जाएगा कि निर्माण में प्रयुक्त कंक्रीट, सरिया और अन्य सामग्री निर्धारित मानकों के अनुरूप थी या नहीं। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी ने सामग्री में कमी की पुष्टि नहीं की है।
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Hamirpur Bridge Collapse
- फोटो : amar ujala
तो क्या निर्माण सामग्री की भी होगी जांच
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में प्रयुक्त रेत, कंक्रीट और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। तकनीकी टीम की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि निर्माण सामग्री पूरी तरह मानकों के अनुरूप थी या नहीं।