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कानपुर: केपीएस अस्पताल में युवक की मौत, आक्रोशित परिजनों ने 17 घंटे तक किया हंगामा
Mon, 05 Oct 2026 11:06 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:06 PM IST
सार
पुलिस ने शाम पांच बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में अस्पताल प्रबंधन ने चुप्पी साध ली।
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मितेष कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चकेरी थानाक्षेत्र के कोयला नगर स्थित केपीएस अस्पताल में भर्ती युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने करीब 17 घंटे तक हंगामा किया। शाम पांच बजे पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। फतेहपुर के खागा के टेनी निवासी राम सुमेर ने बताया कि उनका मितेष कुमार (20) लुधियाना में काम करता था। वह रक्षाबंधन पर घर आकर बुखार से पीड़ित हो गया। वहीं प्रांसी हास्पिटल में 12 दिन भर्ती रखा।
जहां से उसे रायबरेली एम्स ले गए। उसी अस्पताल की सलाह पर केपीएस हास्पिटल में उसे 29 सितंबर की रात भर्ती कराया। जहां उसे आईसीयू में रखा गया था। बताया कि वह लोग रोज करीब 40 हजार रुपये देते रहे। जिसकी रसीद नहीं मिली। एक कर्मचारी आयुष्मान कार्ड बनवाने की बात कहकर दो हजार रुपये ठग लिए। बीते रविवार दोपहर चार बजे दूसरे किसी निजी अस्पताल (साई राम) ले जाने को कहा। इस पर एंबुलेंस के लिए 3500 रुपये लिए। रात करीब 12 बजे मरीज को भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि यह हैलट अस्पताल है, जहां वह मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सभी को बाहर कर मरीज को रखने से मना कर दिया।
उन्होंने पुलिस को सूचना दी, मरीज को फिर भर्ती कराया। जहां उपचार नहीं होने पर मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल कर्मी धमकी दे रहे है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. प्रेमचंद्र के मोबाइल पर कॉल करने पर रिसेप्शन में बैठी महिला ने फोन उठाया और उनके अस्पताल में नहीं होने की बात कहकर चुप्पी साध ली। व्हाट्सएप पर मैसेज करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला।
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दो हजार रुपये में आयुष्मान कार्ड बनवाने का दिया था झांसा
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनके हाथ में एक अन्य अस्पताल का नाम लिखा गया। जब उन्होंने पैसे न होने की बात कही तब अस्पताल प्रबंधन ने दो हजार रुपये में आयुष्मान कार्ड बनवाने का भी झांसा दिया था।
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जहां से उसे रायबरेली एम्स ले गए। उसी अस्पताल की सलाह पर केपीएस हास्पिटल में उसे 29 सितंबर की रात भर्ती कराया। जहां उसे आईसीयू में रखा गया था। बताया कि वह लोग रोज करीब 40 हजार रुपये देते रहे। जिसकी रसीद नहीं मिली। एक कर्मचारी आयुष्मान कार्ड बनवाने की बात कहकर दो हजार रुपये ठग लिए। बीते रविवार दोपहर चार बजे दूसरे किसी निजी अस्पताल (साई राम) ले जाने को कहा। इस पर एंबुलेंस के लिए 3500 रुपये लिए। रात करीब 12 बजे मरीज को भेजा। वहां पहुंचने पर पता चला कि यह हैलट अस्पताल है, जहां वह मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सभी को बाहर कर मरीज को रखने से मना कर दिया।
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उन्होंने पुलिस को सूचना दी, मरीज को फिर भर्ती कराया। जहां उपचार नहीं होने पर मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल कर्मी धमकी दे रहे है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. प्रेमचंद्र के मोबाइल पर कॉल करने पर रिसेप्शन में बैठी महिला ने फोन उठाया और उनके अस्पताल में नहीं होने की बात कहकर चुप्पी साध ली। व्हाट्सएप पर मैसेज करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला।
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दो हजार रुपये में आयुष्मान कार्ड बनवाने का दिया था झांसा
परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनके हाथ में एक अन्य अस्पताल का नाम लिखा गया। जब उन्होंने पैसे न होने की बात कही तब अस्पताल प्रबंधन ने दो हजार रुपये में आयुष्मान कार्ड बनवाने का भी झांसा दिया था।