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दो मशहूर कवियों के निधन से साहित्य जगत स्तब्ध, दोनों ने आखिरी मंच से ली थी यह अंतिम सेल्फी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:35 PM IST
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प्रमोद तिवारी एवं कवि केडी शर्मा की अंतिम सेल्फी
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सोमवार तड़के रायबरेली के लालगंज में कवि प्रमोद तिवारी और केडी शर्मा ‘हाहाकारी’ ने आखिरी मंच साझा किया था। यह सेल्फी केडी शर्मा ने फेसबुक पर पोस्ट की थी। इस आयोजन के बाद घर लौटते समय हुए हादसे में दोनों अनंत की यात्रा पर चले गए।
आकस्मिक निधन से दोनों के प्रशंसक हुए मायूस, साहित्य जगत स्तब्ध
प्रमोद तिवारी
कवि प्रमोद तिवारी और केडी शर्मा ‘हाहाकारी’ के आकस्मिक निधन से कानपुर का साहित्य जगत स्तब्ध है। दोनों के ही प्रशंसकों की शहर में बहुत बड़ी संख्या है। प्रमोद तिवारी के बचपन से लेकर कवि बनने तक के सफर को याद कर रहे हैं उनके बाल सखा कवि कमलेश द्विवेदी। उनके पत्रकारीय जीवन का स्मरण कर रहे हैं कभी उनके सहकर्मी रहे अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी और केडी शर्मा ‘हाहाकारी’ की स्मृतियों को शब्दों में उतारा है, उनके साथ तमाम मंच साझा करने वाले कवि मुकेश श्रीवास्तव ने।
कवियों का परिचयः
प्रमोद तिवारी
जन्म : 31 जनवरी 1960
निधन: 12 मार्च 2018
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केडी शर्मा ‘हाहाकारी’
जन्म : 15 नवंबर 1949
निधन: 12 मार्च 2018
कवियों का परिचयः
प्रमोद तिवारी
जन्म : 31 जनवरी 1960
निधन: 12 मार्च 2018
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केडी शर्मा ‘हाहाकारी’
जन्म : 15 नवंबर 1949
निधन: 12 मार्च 2018
अन्नू अवस्थी के ऑडियो में झलका गम
अन्नू अवस्थी ने व्यक्त किया दर्द
कानपुर के मशहूर कॉमेडियन अन्नू अवस्थी ने अपना ऑडियो रिलीज कर इस अंदाज में दोनों कवियों को याद किया। -- कानपुर से अन्नू अवस्थी बोल रहे हैं। आज हमारे बीच दो कवि नहीं रहे। केडी शर्मा हाहाकारी जी, जिनको हम मामा बोलते थे और प्रमोद तिवारी जी, जिनको हम दादा बोलते थे। हाहाकारी जी ने हमको एक रचना लिखकर दी थी और कहा था कि अन्नू जब किसी बड़े स्टेज पर जाना तो ये सुनाना, हम सामने बैठकर ताली बजइबे, तुम हमेशा हमरे लिए ताली बजाए हो। अब मामा जी आप नहीं रहे, कहीं न कहीं आपकी आत्मा सुनेगी, स्टेज से तो हम सुना नहीं पाए। इसका गम हमको जिंदगी भर रहेगा ।
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ऑडियो में ‘हाहाकारी’ कविता
केडी शर्मा हाहाकारी की पुरानी फोटो
झंडा बेचो, डंडा बेचो, सड़क किनारे अंडा बेचो
मोती बेचो, चोटी बेचो, बाला-झाला लंगोटी बेचो
बंगलादेसी कोट कमीजें बेचो, बोरी-दरी गलीचे बेचो
सब्जी-फल-छुआरा बेचो, पांच रुपइया में दुई गुब्बारा बेचो
भुट्टा चना मकाई बेचो, चूहा मार दवाई बेचो
हीरो हीरोइन की तस्वीरें बेचो, सोने की नकली जंजीरें बेचो
चाभी वाले गुच्छे बेचो, नकली दाढ़ी-मुंछें बेचो
चूरन कहता इमली बेचो, नींबू वाला पानी बेचो
मेहंदी लिपस्टिक डाई बेचो, बान से बनी चारपाई बेचो
-------------
यह रचना उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक अभाव से जूझ रहे हैं और कोई व्यापार करना चाहते हैं, तो केडी शर्मा ‘हाहाकारी’ की कलम से निकली यह कविता उनके लिए प्रेरणास्पद हो सकती है। इस रचना में यह बताया गया है कि चंद रुपयों में भी व्यापार शुरू करके पेट पाला जा सकता है।
मोती बेचो, चोटी बेचो, बाला-झाला लंगोटी बेचो
बंगलादेसी कोट कमीजें बेचो, बोरी-दरी गलीचे बेचो
सब्जी-फल-छुआरा बेचो, पांच रुपइया में दुई गुब्बारा बेचो
भुट्टा चना मकाई बेचो, चूहा मार दवाई बेचो
हीरो हीरोइन की तस्वीरें बेचो, सोने की नकली जंजीरें बेचो
चाभी वाले गुच्छे बेचो, नकली दाढ़ी-मुंछें बेचो
चूरन कहता इमली बेचो, नींबू वाला पानी बेचो
मेहंदी लिपस्टिक डाई बेचो, बान से बनी चारपाई बेचो
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यह रचना उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक अभाव से जूझ रहे हैं और कोई व्यापार करना चाहते हैं, तो केडी शर्मा ‘हाहाकारी’ की कलम से निकली यह कविता उनके लिए प्रेरणास्पद हो सकती है। इस रचना में यह बताया गया है कि चंद रुपयों में भी व्यापार शुरू करके पेट पाला जा सकता है।
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हमारे दिल में हमेशा जिंदा रहेंगे प्रमोद
प्रमोद तिवारी की पुरानी तस्वीर
राज्य अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी ने कहा कि प्रमोद तिवारी के निधन की सूचना मिली, तो दो मिनट में ही वे सारे पल आंखों के सामने घूम गए, जो प्रमोद के साथ बीते थे। प्रमोद, जिसके घर का नाम पप्पू था और मैं उन्हें इसी नाम से पुकारता था, अचानक इस दुनिया से रुखसत हो जाएंगे, यह दिल मानने को तैयार नहीं हो रहा था, लेकिन सच्चाई यही है कि प्रमोद को हमने खो दिया। प्रमोद एक बहुत अच्छे पत्रकार और उम्दा कवि थे। मेरा उनसे परिचय उनके पिता ने कराया था। पहली मुलाकात में ही लगा कि प्रमोद के अंदर बहुत अच्छा पत्रकार है। इसके बाद कुछ ऐसा सिलसिला हुआ कि अखबार में वह मेरे सहकर्मी हो गए। उनके लिखे समाचारों को सब तारीफ करते थे।