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युवक की मौत पर चार घंटे जाम रहा उन्नाव-पुरवा मार्ग, भीड़ ने किया पथराव, एसडीएम पुलिसकर्मी घायल
Tue, 10 Dec 2019 09:29 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 10 Dec 2019 09:29 PM IST
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जाम खुलवाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव के पुरवा में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत होने पर परिजनों ने फाइलेरिया की दवा खाने के बाद बिगड़ी हालत से मौत का आरोप लगाया। 25 लाख मुआवजा और पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग को लेकर पुरवा-उन्नाव मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। एसडीएम ने किसान बीमा व पारिवारिक लाभ योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन नहीं माने।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
- फोटो : अमर उजाला
इसी दौरान भीड़ ने दमकल और एंबुलेंस का रास्ता रोका तो पुलिस से झड़प होते ही भीड़ ने पथराव कर दिया, जिससे एसडीएम व दो एसओ सहित सात कर्मियों को चोटें आई हैं। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर बितर किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव कटरा निवासी विजय बहादुर (40) पुत्र देवीप्रसाद की सोमवार रात करीब एक बजे सांस लेने में तकलीफ और झटके आने से हालत बिगड़ गई।
पुलिस ने जमकर पटकी लाठियां
- फोटो : अमर उजाला
छोटे भाई रमाशंकर ने उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात में परिजन शव लेकर घर चले गए। मंगलवार सुबह भाई रमाशंकर व अन्य परिजनों ने रात 11 बजे फाइलेरिया की दवा खाने के बाद हालत बिगड़ने और उसी से मौत होने का आरोप लगाते हुए करीब 9 बजे उन्नाव-पुरवा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुरवा, मौरावां व बीघापुर थाना पुलिस के साथ एसडीएम राजेश चौरसिया पहुंचे।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने मृतक के भाई को कृषक बीमा योजना से 5 लाख व राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से 30 हजार रुपये आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन मृतक के घर वाले उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने के साथ ही 25 लाख रुपये आर्थिक मदद और पत्नी या परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग करने लगे। जाम के दौरान सीएचसी से मरीज लेकर जिला अस्पताल जा रही एंबुलेंस और एक दमकल को निकालने के लिए कहा गया तो भीड़ आक्रोशित हो गई और एंबुलेंस में तोड़फोड़ की।
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जाम लगाए मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने लाठियां पटकीं तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में एसडीएम के अलावा एसओ पुरवा केएन पांडेय, मौरावां एसओ अनिल सिंह, दरोगा भास्कर देव तिवारी, सिपाही चंद्रप्रकाश सहित सात कर्मियों को पत्थर लगने से चोटें आईं। बलवा की सूचना पर एडीएम राकेश सिंह, एएसपी वीके पांडेय, सीएमओ कामेंद्र पाल, एसीएमओ डा. आरके गौतम मौके पर पहुंचे। तभी बवाल कर रही भीड़ पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया तो जाम लगाए लोग भागे। भीड़ के तितर बितर होते ही पुलिस ने शव को वाहन में रखवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तब कहीं चार घंटे बाद मार्ग पर यातायात शुरू हो पाया।