कन्नौज शौचालय न होने के कारण ससुराल छोड़ कर 23 फरवरी से नौबस्ता स्थित मायके में रह रही सुनीता की घर वापसी 14 अप्रैल के बाद होगी। सुनीता ने ससुराल में शाैचालय ना हाेने की वजह से खाना पीना छाेड़ दिया था। जिसके बाद उसके पिता उसे घर वापस ले अाये थे।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र स्थित ग्राम टिड़ियापुर के मजरा खुरदैया निवासी सुनीता के ससुर दिनेश शर्मा ने बताया कि शौचालय के अभाव में बहू के मायके लौट जाने की बात अमर उजाला में प्रमुखता से छपने पर सरकारी मशीनरी एकाएक सक्रिय हुई। कानपुर के नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने सुनीता को माड्यूलर टॉयलेट देने की घोषणा की।
कन्नौज जिला प्रशासन ने उन्हें छह हजार का चेक और छह हजार कैश देकर शौचालय निर्माण शुरू कराया गया। चेक क्लियरेंस में देरी से काम में वक्त लगा लेकिन अब शौचालय बनकर तैयार हो गया है। सुनीता के मायके वालों से बातचीत के बाद तय हुआ है कि 14 अप्रैल तक शुक्र अस्त होने के कारण विदाई ठीक नहीं है। शुक्र उदय होते ही विधि-विधान से विदा कराके सुनीता को ससुराल लाया जाएगा।
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सुनीता की ससुराल में नहीं था शाैचालय
नौबस्ती निवासी सुनीता की शादी 18 फरवरी को तिर्वा क्षेत्र के ग्राम टिड़ियापुर के मजरा खुरदैया निवासी दिनेश शर्मा के बेटे सुमित से हुई थी। 20 फरवरी को वह ससुराल पहुंची सुनीता ने खुले में शौच जाने से इन्कार कर दिया। नित्यक्रिया न करने से हालत बिगड़ी तो 23 फरवरी को मायके वाले उसे अपने साथ ले आए थे। सुनीता ने साफ कह दिया था कि शौचालय बनने पर ही ससुराल वापसी करेगी।