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सावन के अंतिम सोमवार को गंगा नहाने गए 3 दोस्ताें की डूबने से मौत, अवैध खनन ने बुझा दिए घरों के चिराग
Tue, 13 Aug 2019 01:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 13 Aug 2019 01:59 AM IST
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रोते बिलखते मृतकों के परजिन
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव में गंगा की धारा में बंधा लगाकर पोकलैंड मशीनों से कराई गए अवैध खनन के गड्ढों में सोमवार सुबह दो चचरे भाइयों समेत तीन की जलसमाधि बन गई। सावन के आखिरी सोमवार पर गंगा स्नान के दौरान चचेरे भाइयों समेत छह लोग गंगा में गहरे गड्ढे में चले गए। स्नान कर रही एक महिला ने साड़ी फेंक तीन को बचा लिया। पुलिस गोताखोरों की मदद से पांच घंटे बाद तीनों शव निकाल पाई।
घर पहुंची मौत की खबर तो मच गया कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारी खनन पर पर्दा डालने की कोशिश में जुटे हैं। सफीपुर कस्बा निवासी रौनक (22) पुत्र श्रीपाल रविवार को अचलगंज थाना क्षेत्र के मवइया लायक गांव निवासी अपने मामा राजकुमार लोधी के घर आया था। सोमवार सुबह रौनक अपने ममरे भाई सुजीत (18) और उसके चचेरे भाई अरुण (15) व गौरव (16) पुत्र मुकेश के साथ सावन के अंतिम सोमवार पर गांव से करीब छह किमी दूर बंदीपुरवा गांव के पास कच्चे गंगाघाट पर स्नान करने गया था।
मौके पर पुलिस एवं लड़कों को ढूंढने के लिए उतरे गोताखोर
- फोटो : अमर उजाला
घाट पर ही उन्हें बदरका गांव निवासी रिंकू (20) पुत्र रामू और अनिल (18) पुत्र धर्मराज भी मिले। सभी स्नान करने के लिए एक साथ पानी में उतरे। इसी दौरान साइकिल के बहते टायर को देखा और उसे पकड़ने की होड़ में सभी आगे बढ़ गए। तभी खनन के गहरे गड्ढों में डूबने लगे। पास खड़ी एक महिला ने सभी को डूबता देख अपनी साड़ी उनकी ओर फेंकी जिसे पकड़कर गौरव, रौनक और अनिल तो किसी तरह बाहर आ गए लेकिन सुजीत, उसका चचेरा भाई अरुण और बदरका गांव निवासी रिंकू पानी में समा गए।
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भाई ने सुनी मौत की खबर तो बिलख बिलख कर रोने लगा
- फोटो : अमर उजाला
लोगों के शोर मचाने पर नाविकों ने तीनों की तलाश शुरू की। लेकिन काफी देर तक कहीं पता नहीं चला। इसी बीच सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सीओ बीघापुर पवन कुमार, एसओ डीपी सिंह ने गोताखोर बुलाकर तलाश शुरू कराई। एसडीएम सदर दिनेश कुमार और तहसीलदार ओपी शुक्ला भी घटना स्थल पहुचे। लगभग चार घंटे बाद गोताखोरों ने सुजीत व अरुण के शव घटनास्थल से कुछ दूर पर खोज निकाले। वहीं एक घंटे बाद घटनास्थल से 200 मीटर दूर रिंकू का शव मिला।
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गंगा में नहाते समय डूबने वाले मृतक
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम कराया। लोगों में दो-तीन पहले हुए अवैध बालू खनन से बड़े बड़े तालाबनुमा गड्ढों में गिरने से गिरकर तीनों के मरने की चर्चा है। मौत के मुंह से बचकर आए गौरव, रौनक और अनिल ने बताया कि वह नहा रहे थे तभी अचानक पैर गहरे गड्ढे में चले गए। हालांकि अधिकारी घटना स्थल से खनन स्थल दूर होने की बात कह रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि खनन का पट्टा बंदीपुरवा और बदरका तुरकिया गांव के पास दिया गया था।