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सिविल सर्विसेज 2017 में तीन जिगरी दोस्तों ने मारी बाजी, बने आईएएस अफसर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 29 Apr 2018 04:00 PM IST
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आईएएस टॉपर
सिविल सर्विसेज 2017 में तीन जिगरी दोस्तों विशाल मिश्रा, साद मियां खान और गौरव विजयराम ने भी बाजी मारी है। नतीजे आते ही इनकी खुशी का ठिकाना न रहा। तीनों दोस्तों ने एक दूसरे को शुभकामनाएं दी।
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विशाल और साद मियां हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के पूर्व छात्र हैं। जबकि गौरव विजयराम की मुलाकात दिल्ली में हुई थी। साद खान को 25वीं रैंक, विशाल को 49वीं और गौरव को 34 वीं रैंक मिली है। विशाल यहां कल्याणपुर के गौतम विहार के रहने वाले हैं वहीं साद मूल रूप से बिजनौर के हैं और गौरव सहारनपुर का रहने वाले हैं।
विशाल बताते हैं कि वह और साद ने एचबीटीयू से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 2007 में दोनों ने दाखिला लिया था और 2012 में पढ़ाई पूरी कर ली। इस बीच दोनों ने कैंपस में खूब मस्ती की। साद कहते हैं कि विशाल काफी गंभीर था। वह पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देता था जबकि मैं मस्ती करता था। विशाल ने कहा कि कॉलेज के बाद हम लोगों की मुलाकात नहीं हुई लेकिन व्हाट्सएप पर जरूर जुड़े रहे और हर दूसरे-तीसरे दिन बात होती थी। वहीं, गौरव विजयराम ने भी 34वीं रैंक हासिल की है। गौरव मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं। विशाल बताते हैं कि दिल्ली में वह और गौरव ने एक साथ परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी की थी।
विशाल बताते हैं कि वह और साद ने एचबीटीयू से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 2007 में दोनों ने दाखिला लिया था और 2012 में पढ़ाई पूरी कर ली। इस बीच दोनों ने कैंपस में खूब मस्ती की। साद कहते हैं कि विशाल काफी गंभीर था। वह पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देता था जबकि मैं मस्ती करता था। विशाल ने कहा कि कॉलेज के बाद हम लोगों की मुलाकात नहीं हुई लेकिन व्हाट्सएप पर जरूर जुड़े रहे और हर दूसरे-तीसरे दिन बात होती थी। वहीं, गौरव विजयराम ने भी 34वीं रैंक हासिल की है। गौरव मूलरूप से सहारनपुर के रहने वाले हैं। विशाल बताते हैं कि दिल्ली में वह और गौरव ने एक साथ परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी की थी।
25 साल में ही आईएएस बन गए विशाल
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विशाल ने 10वीं की पढ़ाई जयनारायण विद्या मंदिर स्कूल से 2005 में की। तब 77 प्रतिशत अंक आए थे और 12वीं बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज से 2007 में की। इसमें 87 प्रतिशत अंक मिले थे। बताते हैं कि अभी उनकी उम्र 25 साल है और उन्हें खुशी है कि तीसरी प्रयास में उन्होंने यह सफलता हासिल कर ली।
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पापा रिटायर्ड प्रिंसिपल, भाई डिफेंस में ऑडिटर
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विशाल के पिता हरि प्रसाद मिश्र, कन्नौज के मित्र सेनपुर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य पद से रिटायर्ड हुए हैं जबकि मां सुधा मिश्र हाउस वाइफ हैं। दो भाई और एक बहन है। बड़ा भाई विवेक डिफेंस में ऑडिटर के पद पर तैनात है जबकि बहन रंजना प्राइमरी स्कूल की शिक्षिका हैं। विशाल का गांव कानपुर देहात के रंजीतपुर में है।
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आईआईटी में मिला एक्सीलेंस एकेडमिक अवार्ड
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विशाल ने एचबीटीयू से बीटेक करने के बाद आईआईटी कानपुर से एमटेक की पढ़ाई भी की। पढ़ने में तेज रहे विशाल को एमटेक में 9.5 सीपीआई हासिल हुआ और दीक्षांत समारोह में उन्हें एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। सिविल सर्विसेज 2015 और 2016 में भी विशाल ने इंटरव्यू दिया था।