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यूपी: अर्थी पर लिटाते ही अचानक जी उठा मुर्दा, बोला कहां ले जा रहे हो मुझे, मैं अभी जिंदा हूं...
Tue, 14 Apr 2020 03:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 14 Apr 2020 03:57 AM IST
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कानपुर में जब अचानक जी उठा मुर्दा
- फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के कानपुर में लॉकडाउन के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इसे करिश्मा ही कहेंगे कि जिस इंसान की अर्थी तैयार हो चुकी हो और श्मशान ले जाने के लिए लोग इकट्ठा हो गए हों, वह इंसान अचानक जी उठे। कुछ ऐसा ही हुआ जब अचानक से मुर्दा उठा और बोला कहां ले जा रहे हो मुझे।
अर्थी पर लिटाते ही बोल उठा मुर्दा
- फोटो : amar ujala
कानपुर के नयागंज में पानी के बताशे की मशहूर दुकान चलाने वाले शंकर बताशे वाले को दिवंगत समझ परिजनों ने उनके दाह संस्कार की तैयारियां कर ली थी लेकिन जब उनको अर्थी पर लेटाया जाने लगा, वह बोल उठे कि कहां ले जा रहे हो। जिसके बाद वहां हड़कंप मच गया।
मुर्दा को बोलता देख कांप गई लोगों की रूह
- फोटो : amar ujala
यह देख सभी हैरत में आ गए और आनन-फानन में उनको अस्पताल ले जाया गया, जहां चार घंटे बाद उनका निधन हो गया। हरबंश मोहाल थाने के 64/80 गड़रिया मोहाल में रहने वाले 80 वर्षीय शंकर की रविवार तडके तबीयत खराब हुई और उनका शरीर मृत मिला।
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मुर्दा को बाेलता देख भाग खड़ी हुई भीड़
- फोटो : amar ujala
सांस और धड़कन न चलने से उन्हें परिजनों ने मृत समझ लिया। उनके दाह संस्कार की तैयारियां होने लगीं। उनकी अर्थी तैयार हो गई और कंडे भी सुलगा दिए गए। जब उनको सुबह 11 बजे नीचे उतार कर लाया जाने लगा तो उन्हें होश आ गया और इशारों में कहा कि कहां ले जा रहे हो।
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चार घंटे बाद हुई मौत
- फोटो : amar ujala
इस पर परिजनों में आशा की एक किरण दिखी और आसपास के लोग भी हतप्रभ हो गए। आनन फानन में माल रोड के नार्थ स्टार अस्पताल ले जाया गया। चार घंटे जीवित रहने के बाद उनका निधन हो गया। भगवतदास घाट में उनका अंतिम संस्कार कराया गया।