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स्टार्टअप के लिए डिग्री नहीं, नेचुरल आइडिया की जरूरत

Wed, 04 Apr 2018 08:50 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 04 Apr 2018 08:50 PM IST
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startup ideas is neutral
डेमाे पिक

स्टार्टअप के लिए कभी डिग्री की जरूरत नहीं होती। जरूरत है तो आपकी काबिलियत की। आपके स्किल्ड (हुनर) प्रदर्शन की और आपके सोच की। ये बातें बुधवार को देश के बड़े सोशल एंटरप्रिन्योर और कॉरपोरेट ट्रेनर पंकज माल ने कहीं।




 

वह फेसबुक पोस्ट हो या स्टार्टअप आइडिया

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छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित ‘उत्थान : अ स्टार्टअप निर्माण’ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला अमर उजाला, टाई यूपी और एसबीईआरटीसी आईआईटी कानपुर ने मिलकर आयोजित की वैन्यू पार्टनर सीएसजेएमयू का इंस्टीट्यॅट ऑफ हेल्थ साइंसेज रहा। पंकज ने कहा कि आज निजी क्षेत्र में नौकरी भी बिना हुनर के नहीं मिल सकती।

 
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इसलिए खुद में काबिलियत लाओ और किसी भी काम को करने के लिए लीडरशिप क्वालिटी (नेतृत्व क्षमता) डेवलप करो। आइडिया क्रिएशन पर उन्होंने कहा कि भारत में कॉपी-पेस्ट पर युवा ज्यादा विश्वास करते हैं। फिर वह फेसबुक पोस्ट हो या स्टार्टअप आइडिया। आइडिया नेचुरल होना चाहिए। इसके पूर्व डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. संजय कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया।

 
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आइडिया नेचुरल होना चाहिए

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डेमाे पिक
संचालन इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के फैकल्टी शाह मोहम्मद व धन्यवाद ज्ञापन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण कटियार ने किया। टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अंकिता द्विवेदी, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के को-आर्डिनेटर डॉ. सिधांशु राय, इंस्टीट्यूट ऑफ बॉॅयो साइंस एंड बॉयो टेक्नोलॉजी की को-आर्डिनेटर डॉ. शिल्पा कायस्थ, डॉ. श्रुति मिश्रा आदि मौजूद रहीं।  

 
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फूडिंग के क्षेत्र में स्टार्टअप की अपार संभावनाएं

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इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के समन्वयक डॉ. सिधांशु राय ने होटल मैनेजमेंट, फूडिंग और हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट के क्षेत्र स्टार्टअप की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज आईआईटी, आईआईएम से पढ़ा छात्र सड़क किनारे ठेला लगाता है और लाखों-करोड़ों रुपये कमाता है। थोड़ी परेशानी होती है लेकिन एक से दो साल में ही ऐसे ठेले एक ब्रांड के रूप में प्रसिद्घ हो जाते हैं।

 
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