फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र में प्रसपा प्रत्याशी उदयपाल सिंह के यादव के पक्ष में जनसभा करने पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह के निशाने पर अखिलेश और मायावती रहे। उन्होंने भाजपा पर सियासी तीर छोडे़। हालांकि कांग्रेस के खिलाफ कुछ खास नहीं बोले। उनके साथ आए मौलाना अंसार रजा ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा।
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शिवपाल सिंह यादव व डिंपल यादव (फाइल फोटो)
सबसे पहले रैली को संबोधित करते हुए मौलाना अंसार रजा ने कहा कि मोदी के गुरु स्वामी रामदेव हैं। उन्होंने हजार व पांच सौ के नोटबंद करवाने की सलाह पीएम को दी थी। दो हजार का नोट चलन में आने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। मोदी व योगी सरकार हिंदू व मुस्लिम के बीच खाई पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और डिंपल यादव ने कन्नौज के मंच पर मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। लेकिन मायावती के भतीजे ने नेताजी के पैर नहीं छूकर उनका अपमान किया है।
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मुलायम सिंह यादव- शिवपाल यादव-अखिलेश यादव
- फोटो : Social Media
शिवपाल यादव ने कहा कि यह चुनाव मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की जनता नोटबंदी से आज भी जूझ रही है। इससे बस पूंजीपतियों को फायदा हुआ है। मोदी ने पांच साल विदेश घूमने में गवाएं हैं। जीएसटी से कोई फायदा नहीं हुआ। भ्रष्टाचार बढ़ गया है। यूरिया व डीएपी पर रेट बढ़ गए हैं। बिजली चोरी के मुकदमे किसानों पर दर्ज हो रहे हैं। कहा कि सपा को मैने और नेताजी ने खड़ा किया था। सपा में वह लोग आ गए जिनकी एक साइकिल लेने की औकात नहीं थी। कभी सोचा नहीं था कि सपा से अलग होना पड़ेगा। 2012 में कैसे सपा सरकार बनाई थी यह हम ही जानते है।
कहा कि मायावती की सरकार में नेता जी पर एक दिन में 154 और मुझ पर 11 मुकदमे लिखाए गए थे। आज सपा के मुखिया 38 सीटें बसपा को देकर खुद 35 पर लड़ कर खुद को समाजवादी कह रहे हैं। कहा कि मैने भी गठबंधन में शामिल होने की बात कही वह भी बिना किसी सीट के लेकिन अखिलेश ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रसपा 55 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। 20 सीटों पर जीत भी दर्ज करेंगे।
उन्होंने अपने प्रत्याशी को जिताने की अपील की। मौलाना अंसार रजा ने सवाल उठाया कि कि भाजपा सरकार में राबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा व पी. चिदंबरम के घर ईडी व सीबीआई के छापे पड़े लेकिन मायावती के घर क्यों नहीं पड़े। यह तय है कि चुनाव के बाद वह भाजपा की गोद में बैठी होंगी।