पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने साहित्यिक संस्था पहल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आजाद भारत ने अब तक चौदह प्रधानमंत्री देखे हैं। आगे भी देखेंगे। नीरज एक थे, वह एक ही रहेंगे। उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। शिवपाल सिंह गोपालदास नीरज के प्रयाण उत्सव को संबोधित कर रहे थे।
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शिवपाल सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम का आयोजन इटावा के रेखा पैलेस में हुआ। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार हरिश्चन्द्र गुप्ता ने की। प्रयाण उत्सव का शुभारंभ योगिता चौहान की वाणी वंदना से हुआ। अतिथियाें का स्वागत पहल के महासचिव शायर रौनक इटावी ने किया। कोषाध्यक्ष अनुराग मिश्र असफ ल के साथ पहल के सदस्यों ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
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गोपाल दास नीरज की फाइल फोटो
- फोटो : Amar Ujala
अनिल दीक्षित ने नीरज के जीवन पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर दिनेश पालीवाल ने नीरज के गीतों को पढ़ा। आगरा से आए नीरज के सुपुत्र कवि शशांक प्रभाकर ने पिता से जुड़े अनेक संस्मरण सुना कर माहौल को नम कर दिया। धिरोर के रचनाकार विनोद राजयोगी ने, 'गुम्मदों को भी सलामी दूंगा लेकिन बाद में। पहला नमन उस ईंट को जो लगी बुनियाद में' पढ़ा।
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गोपाल दास नीरज की पुरानी तस्वीर और कविता
गीतकार बलराम श्रीवास्तव ने 'तुम जहां रहोगे नीरज शब्दों के मोती बिखराओगे' से श्रद्धांजलि दी। गजलकार अशोक यादव ने 'कलम से तुमने लिख डाला है सारा संसार, दुनिया कहती है तुमको गीतों का राजकुमार' सुनाया। नन्हें एकलव्य तोमर ने गीत 'जो खत तुम्हें' की धुन बजाकर सभी को स्तब्ध कर दिया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अनूठी पहल करने वाले मनीषियों को 'गोपालदास नीरज स्मृति सम्मान-2018' प्रदान किया। सम्मान पाने वालों में बलराम श्रीवास्तव, विनोद राजयोगी, शशांक प्रभाकर, हरिश्चंद्र गुप्ता, मीरा पुरवार, किशन पोरवाल, अयूब अली, विकास यादव, रवींद्र चौहान, संजीव यादव और कृष्णकांत शामिल रहे।