सपा से निकाले जाने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकुमार बेरिया का कहना है कि उन्हें पता नहीं है कि अखिलेश यादव उनसे कौन सी कंट्रोवर्सी की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया से पता चला कि छह साल के लिए निष्कासन हो गया है।
किसी को निष्कासित करने के पहले उसे कारण बताओ नोटिस जारी की जाती है, लेकिन सीधे निष्कासन कर दिया गया। उन्हें अपनी बात कहने का मौका ही नहीं मिला है। निष्कासन के बाद बेरिया ने मंगलवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की।
शिवपाल सिंह यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) में शामिल होने की बात पर बेरिया ने बताया कि वह अभी पीएसपी में शामिल नहीं हुए हैं। वैसे आदमी कहीं न कहीं जाकर जनसेवा तो करेगा ही।
मुलायम सिंह यादव से मुलाकात के संबंध में उन्होंने कहा कि वे नेताजी से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि निष्कासन के आदेश के पहले उन्हें आरोप के संबंध में बताया जाना चाहिए।
उन्हें भी नहीं पता है कि कहां अनुशासनहीन आचरण हुआ और पार्टी विरोधी कार्य में संलिप्त रहे। उन्होंने बताया कि अपने समर्थक नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न मामलों पर विचार करके कोई निर्णय लेंगे।