{"_id":"5f6eea0b68941c26ef0a93a4","slug":"sanjit-murder-case-neither-sanjit-was-found-nor-cbi-investigation-started","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"संजीत हत्याकांड: न संजीत मिला न सीबीआई जांच शुरु हुई, रोते-रोते सूख गए मां-बहन की आंखों के आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संजीत हत्याकांड: न संजीत मिला न सीबीआई जांच शुरु हुई, रोते-रोते सूख गए मां-बहन की आंखों के आंसू
Sat, 26 Sep 2020 12:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 26 Sep 2020 12:43 PM IST
विज्ञापन
संजीत अपहरण एवं हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में बर्रा के बहुचर्चित संजीत यादव अपहरण कांड की सीबीआई जांच की संस्तुति 2 अगस्त को की गई थी लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि न तो उन्हें उनका बेटा ही मिला और न ही सीबीआई जांच मिली। रोते रोते मां और बहन की आंखों से आंसू भी सूख गए हैं। पिता का आरोप है कि पुलिस ने घटना का अधूरा खुलासा कर भले ही अपनी पीठ थपथपा ली हो, लेकिन ठोस साक्ष्यों के अभाव में सारे आरोपी दो माह में जेल से बाहर आ जाएंगे। वहीं, पुलिस आखिरी वांछित रामाशीष को गिरफ्तार कर कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में जुटी है।
संजीत हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
22 जून को हुआ था अपहरण
22 जून की रात दोस्तों ने कार से संजीत का अपहरण किया था। 23 जून को परिजनों ने जनतानगर चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई। 26 जून को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई। 13 जुलाई को परिजनों ने फिरौती के 30 लाख रुपये पुलिस के बैग में रख कर गुजैनी पुल से नीचे फेंके, जो अपहर्ता लेकर फरार हो गए।
22 जून की रात दोस्तों ने कार से संजीत का अपहरण किया था। 23 जून को परिजनों ने जनतानगर चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराई। 26 जून को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज हुई। 13 जुलाई को परिजनों ने फिरौती के 30 लाख रुपये पुलिस के बैग में रख कर गुजैनी पुल से नीचे फेंके, जो अपहर्ता लेकर फरार हो गए।
एक बार फिर शुरु हुई संजीत के शव की तलाश
- फोटो : amar ujala
23 जुलाई की देर रात पुलिस ने घटना का खुलासा किया। संजीत के अपहरण और हत्या के मामले में महिला समेत पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की। आरोपियों ने बताया कि संजीत की हत्या कर लाश पांडु नदी में फेंक दी थी जो अब तक बरामद नहीं हुई। पिता चमन सिंह और मां सुषमा को आज भी विश्वास नहीं कि संजीत की हत्या हो चुकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
धरने पर बैठे थे संजीत के पिता मां और बहन
- फोटो : amar ujala
मां देर रात जरा की आहट होने पर दरवाजा खोल कर संजीत के आने का इंतजार करने लगती हैं। पिता ने सहारा लेने के लिए अपने भतीजे मोनू को साथ में रख लिया है। गोविंदनगर सीओ विकास पांडेय ने बताया कि अगस्त में सीबीआई अधिकारियों ने शहर आकर पूरा प्रकरण समझा था।
विज्ञापन
संजीत हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
सितंबर के पहले सप्ताह में सीबीआई जांच होने या न होने की स्थिति साफ करने की बात कही थी, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई जारी रख कर अब आखिरी आरोपी रामाशीष की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि रामशीष की गिरफ्तारी के बाद एक माह के भीतर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर देंगे।