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संजीत अपहरण हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, घर पर छोड़े मोबाइल, नए नंबर से कॉल कर बुलाया
Sat, 25 Jul 2020 10:36 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:36 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
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संजीत का अपहरण करने वाले बदमाशों ने शातिराना दिमाग लगाया। सभी ने अपने-अपने मोबाइल घर पर ही छोड़ दिए। काफी समय तक मोबाइल बंद भी रहे। संजीत को नए नंबर से कॉल कर बुलाया गया और फिर सिम व मोबाइल तोड़कर फेंक दिया गया।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
एसएसपी के मुताबिक 22 जून को जब अपहरण करने के लिए सभी आरोपी घर से निकले थे तो अपना-अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ गए थे। सभी मोबाइल बंद थे। उस शाम नए नंबर से चार कॉल कुलदीप ने संजीत को कीं। यह मोबाइल भी नया था। आखिरी कॉल देर शाम 7:47 बजे की।
kanpur kidnapping case
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इसके बाद जब संजीत को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया तब इस सिम और मोबाइल को तोड़कर फेंक दिया। जहां संजीत को बंधक बनाकर रखा था वहां पर ये लोग अपना फोन इस्तेमाल नहीं करते थे। इसके अलावा जिस नंबर से फिरौती मांगी थी, वो भी एक दिन पहले एक्टिवेट किया था। यह मोबाइल भी नया था ताकि किसी भी दशा में पुलिस उनको ट्रेस न कर सके।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
शिफ्ट में रुकते थे आरोपी
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिस मकान में संजीत को बंधक बनाया गया था वहां पर प्रीति और उसकी मां सिम्मी हमेशा रहती थीं। नीलू, कुलदीप, ईशू और रामजी में से कोई दो लोग भी वहां बारी-बारी रहते थे। दो लोग रात तो दो लोग दिन में रुकते थे। खाने-पीने का सामान लाते थे। खाना प्रीति बनाती थी। अधिकतर समय तक तो संजीत बेहोश ही रहा था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जिस मकान में संजीत को बंधक बनाया गया था वहां पर प्रीति और उसकी मां सिम्मी हमेशा रहती थीं। नीलू, कुलदीप, ईशू और रामजी में से कोई दो लोग भी वहां बारी-बारी रहते थे। दो लोग रात तो दो लोग दिन में रुकते थे। खाने-पीने का सामान लाते थे। खाना प्रीति बनाती थी। अधिकतर समय तक तो संजीत बेहोश ही रहा था।
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जानकारी देती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
नीलू करता था फिरौती की कॉल
एसएसपी ने बताया कि फिरौती की सभी कॉल नीलू करता था। उसने मोबाइल वाइस चेंजर एप डाउन किया था जिससे आवाज बदली हुई दूसरी तरफ सुनाई देती थी। आवाज किसकी है, इसका अंदाजा लगाना इसीलिए मुश्किल था।
एसएसपी ने बताया कि फिरौती की सभी कॉल नीलू करता था। उसने मोबाइल वाइस चेंजर एप डाउन किया था जिससे आवाज बदली हुई दूसरी तरफ सुनाई देती थी। आवाज किसकी है, इसका अंदाजा लगाना इसीलिए मुश्किल था।