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संजीत अपहरण हत्याकांड: आरोपियों ने खोला बड़ा राज, फिरौती के पैसे से करना चाहते थे ये काम
Sat, 25 Jul 2020 10:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:47 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : अमर उजाला
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अपहरणर्ताओं के निशाने पर एक कारोबारी का बेटा था। पांच-आठ साल के बच्चे का अपहरण कर बदमाश तीस से पचास लाख की फिरौती वसूलने की फिराक में थे। मगर तभी संजीत ने अपनी पैथोलॉजी खोलने की चर्चा मुख्य आरोपी से की। जिससे उनको यकीन हो गया कि उसके पास बड़ी रकम है। इसलिए उन्होंने कारोबारी के बेटे का अपहरण करने का इरादा बदलकर संजीत को ही निशाना बना लिया। बदमाश फिरौती की रकम से अपना अस्पताल खोलने की योजना बना चुके थे।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
ऐसे तमाम खुलासे बदमाशों ने पुलिस की पूछताछ में किए हैं। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि आरोपी पिछले एक-डेढ़ महीने से पैसों के लिए अपहरण करने की साजिश रच रहे थे। आरोपियों ने बताया कि वो किसी कारोबारी के छोटे बेटे का अपहरण करना चाहते थे। उनसे लाखों की फिरौती वसूल कर छोड़ने का भी तय किया था।
जानकारी देती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इसी वजह से उन्होंने 15 जून को रतनलाल नगर में किराये का मकान लिया। इधर जब कुलदीप और ईशू संजीत से मिले तो संजीत ने बताया कि अस्पताल में अब बहुत दिन काम कर लिया। अब अपनी पैथोलॉजी खोलेंगे। यहीं से ईशू ने साजिश बदल दी। उसने कुलदीप से कहा कि संजीत के पास 25-30 लाख रुपये होंगे, तभी वो पैथोलॉजी खोलने की बात कह रहा है।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
अगर उसका अपहरण कर लिया जाए तो इतनी रकम मिल सकती है। इन दोनों से पूरी साजिश नीलू और रामजी शुक्ला से साझा की। वो भी तैयार हो गए। फिर नीलू ने प्रीति से इन सभी को मिलवाया। तब साजिश के तहत मकान किराये पर लिया गया। तय प्लान के तहत संजीत को बुलाया और फिर वारदात को अंजाम दिया।
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- फोटो : amar ujala
नीलू ने सिम-मोबाइल मुहैया कराया
पूछताछ में पता चला कि आरोपी नीलू ने प्रीएक्टिवेटेड सिम व नए मोबाइल उपलब्ध कराए थे। ये नंबर फर्जी आईडी पर थे। एक नंबर 22 की शाम को एक्टिव किया गया। इससे संजीत को कॉल कर बुलाया गया। इससे चार कॉल की गई थीं। एक नंबर 28 जून को एक्टिव हुआ। इसी से फिरौती की सभी कॉल की गईं। पुलिस ने जब जांच की थी तब पता चला था कि ये सिम एक महिला के नाम की आईडी पर हैं जो फर्जी है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी नीलू ने प्रीएक्टिवेटेड सिम व नए मोबाइल उपलब्ध कराए थे। ये नंबर फर्जी आईडी पर थे। एक नंबर 22 की शाम को एक्टिव किया गया। इससे संजीत को कॉल कर बुलाया गया। इससे चार कॉल की गई थीं। एक नंबर 28 जून को एक्टिव हुआ। इसी से फिरौती की सभी कॉल की गईं। पुलिस ने जब जांच की थी तब पता चला था कि ये सिम एक महिला के नाम की आईडी पर हैं जो फर्जी है।