कानपुर में कर्रही के मालवीय नगर में रविवार सुबह एक निर्माणाधीन मकान के सोख्ता टैंक में जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे की खबर सुनकर मृतकों के परिजन मौके पर पहुंचे और बवाल शुरू कर दिया। वह शव उठाने को राजी नहीं हो रहे थे। पुलिस ने जबरन शव उठाने का प्रयास किया, तो पुलिसकर्मियों से हाथापाई हो गई। पुलिस ने कइयों को जमकर पीटा।
उसके बाद भी देर शाम तक प्रदर्शन जारी रहा। करीब पांच घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस अफसर पीड़ित परिजनों को समझा सके। तब शव मोर्चरी भेजा गया। आलमपुर कालपी निवासी कुशल गुप्ता मालवीय नगर में मकान का निर्माण करवा रहे हैं। बाल गोविंद नाम के ठेकेदार ने ठेका लिया है। मकान में सोख्ता टैंक भी बना है। रविवार सुबह जब काम शुरू हुआ, तो शिवा तिवारी (25) व अंकित पाल (22) शटरिंग खोलने के लिए टैंक के भीतर घुसे।
2 of 6
soaking tank accident
- फोटो : अमर उजाला
वह चंद सेकेंड में ही बेहोश हो गए। अजीब से आवाज सुनकर जब साथी मजदूर अमित कुमार (25) भी टैंक में घुस गया। जब ठेकेदार की नजर पड़ी तो वह भी घुसने का प्रयास करने लगा। दम घुटने पर वह बाहर आया और आसपास के लोगों को बुलाया और तीनों को बाहर निकाला। शिवा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। यहां पर उनको डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
3 of 6
soaking tank accident
- फोटो : अमर उजाला
जमकर नोकझोंक, मारपीट, बवाल
अमित कुमार व अंकित पाल के शव अस्पताल से सीधे मोर्चरी भेज दिए गए। अमित जहानाबाद व अंकित कठोंगर बिधनू का रहने वाला था। बिधनू के धरहर निवासी शिवा के भाई मोनू, अरुण, विष्णु समेत दर्जनों लोग पहुंच गए। अस्पताल से उसका शव घटनास्थल ले गए। यहां पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे।
4 of 6
soaking tank accident
- फोटो : अमर उजाला
सूचना पर एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा, एसीपी गोविंद नगर विकास पांडेय समेत आठ थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। परिजन शव उठाने को राजी ही नहीं हो रहे थे। एक जब डाले में पुलिस ने शव रखने का प्रयास किया तो भीड़ ने ड्राइवर को पीट दिया। पुलिस ने भी भीड़ में शामिल लोगों को पीटा। इससे लोग और भड़क गए। बवाल बढ़ता गया। शाम करीब छह बजे तक हंगामा, नारेबाजी होती रही। बमुश्किल पुलिस अफसर उनको समझा सके।
5 of 6
soaking tank accident
- फोटो : अमर उजाला
ठेकेदार हिरासत में, मालिक की तलाश
ठेकेदार भी जहरीली गैस की चपेट में आ गया था इसलिए उसका भी प्राथमिक उपचार कराया गया। इलाज होने के बाद पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया। मकान मालिक की तलाश जारी है। पीड़ित परिजन इन दोनों पर कार्रवाई करने के साथ-साथ मुआवजे की मांग कर रहे थे। एडीसीपी साउथ का कहना है कि प्रशासन को उनकी मांगों से अवगत कराया गया है।