कानपुर में छात्र रोनिल सरकार हत्याकांड को हुए चार दिन बीते गए हैं। अब तक यह ट्रेस नहीं हो सका है कि वह स्कूल से निकलकर किस तरफ गया है। पहले ही दिन पता चला था कि छप्पन भोग चौराहे पर वह पैदल पहुंचा था। इसके आगे किधर, किसके साथ और कैसे गया, यह अब तक पता नहीं चला सका है।
Ronil murder case: स्कूल से छप्पन भोग चौराहे पहुंचा था रोनिल, उसके आगे का कोई सुराग नहीं, पिता बोला....
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संदिग्ध वाहनों की तलाश
पुलिस कमिश्नर ने खुलासे के लिए पांच टीमें लगाई हैं। एक टीम सर्विलांस की है, जबकि एक टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। अन्य तीन टीमें सुराग खोजने में जुटी हैं। एडीसीपी पूर्वी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संदिग्ध वाहनों के बारे में पता किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक संदिग्ध वाहनों में दो कारें और एक बाइक है।
सीडीआर से भी नहीं मिली जानकारी
पुलिस ने रोनिल के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली थी। उसी आधार पर एक युवती समेत आठ लोगों को उठाया था। कई घंटे उनसे पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस कोई नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। पुलिस अब घटनास्थल के पास के टॉवर का डाटा डंप करवाकर संदिग्ध नंबरों को तलाश रही है।
जेसीपी परिजनों से बोले- हम खुलासे के करीब
गुरुवार दोपहर ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी और एडीसीपी पूर्वी ब्रजेश श्रीवास्तव रोनिल के पिता संजय सरकार से मिले। करीब 45 मिनट तक वे परिवार के साथ रहे। इस दौरान उन्हें हिम्मत व ढांढस बंधाकर खुलासे के करीब होने की जानकारी दी। पिता संजय का कहना है कि उन्हें कुछ भी नहीं बताया जा रहा है कि पुलिस अब तक क्या-क्या पता कर सकी है।
शहर के बीच बने घने जंगलों की निगरानी बढ़ेगी
चंदारी के जंगल के आसपास रहने वालों ने बताया कि यहां पर आए दिन छात्रों के अलावा नशेबाजों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार छात्र छात्राओं को भी पटरी पारकर जंगलों में जाते देखा गया है। ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि पूरे शहर में इस तरह की कौन सी जगहें हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। उसकी निगरानी बढ़ाई जाएगी। पुलिस वहां पर आने जाने वाले लोगों से पूछताछ करेगी।