उन्नाव जिले में हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग पांच जनवरी से चार फरवरी तक सड़क सुरक्षा माह मना रहा है। शनिवार को माह का अंतिम दिन तक कई ने हादसों में अपनी जान गंवा दी। शुक्रवार को जिले में एक्सप्रेस-वे पर एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर ग्रिल तोड़ते हुए दूसरी लेन में चली गई।
जिंदगी पर ब्रेक: ये कैसा सड़क सुरक्षा माह! न तो हादसे कम हुए...न ही लोगों में दिखी जागरूता, इतनों ने गंवाई जान
डीसीएम, ट्रक और डंपर की भिड़ंत
लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर तीन दिसंबर को अजगैन कोतवाली के चमरौली के पास डीसीएम, ट्रक और डंपर की भिड़ंत हो गई थी। जिससे डंपर और डीसीएम में आग लगने से डंपर सवार दो सगे भाई जिंदा जल गए थे। जबकि ट्रक चालक और परिचालक घायल हुए थे। घटना में सुबह से शाम तक हाईवे पर जाम की स्थिति रही थी।
स्लीपर बस और डीसीएम की जोरदार टक्कर
लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे पर नौ जनवरी को औरास थाना क्षेत्र में गुजरात के राजकोट से लखीमपुर जिला के पलिया तिकुनिया जा रही स्लीपर बस आगे जा रही डीसीएम से टकरा गई थी। हादसे के दौरान बस में नेपाल देश के 60 यात्री बैठे हुए थे, जिसमें एक महिला सहित चार की मौत हुई थी। छह लोग घायल हुए थे।
तेज रफ्तार डंपर ने मां-बेटी को कुचला
कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर बीती 22 जनवरी को अचलगंज थाना क्षेत्र के आजाद मार्ग चौराहे पर देर शाम तेज रफ्तार डंपर ने मां बेटी और बाइक सवार युवक को कुचलने के साथ तिलक चढ़ाने जा रहे पिता पुत्र और दामाद की कार पर गिर गया था। घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी।
अज्ञात वाहन में घुसी थी कार
कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर बीती 27 जनवरी को अचलगंज क्षेत्र में गहिरा के पास गुजरात से प्रतापगढ़ जा रही कार झपकी आने से सड़क किनारे खड़े अज्ञात वाहन में जा घुसी थी। इसमें कार सवार गुजरात निवासी पिता-पुत्र और पौत्र की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी। हादसे में कार सवार एक मासूम व किशोरी के अलावा तीन महिलाएं घायल हुई थी।