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दिल दहला देंगी ये तस्वीरें: कानपुर में एक दिन में रिकॉर्ड 476 अंत्येष्टि, सूर्यास्त के बाद भी जलीं चिताएं

Fri, 23 Apr 2021 03:04 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 23 Apr 2021 03:04 AM IST
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Record 476 funerals in one day in Kanpur
दिल दहला देने वाला है घाटों का मंजर - फोटो : amar ujala
कोरोना के कहर ने सूर्यास्त से पहले अंतिम संस्कार की परंपरा भी तोड़ दी है। गुरुवार को शहर के घाटों पर रिकॉर्ड 476 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। लगातार पांचवें दिन घाटों पर जगह कम पड़ने पर रात आठ बजे तक गंगा किनारे रेत और पार्कों में चिताएं जलानी पड़ीं, जबकि विद्युत शवदाह गृहों में रातभर अंतिम संस्कार चलता रहा। आपको डराना हमारा मकसद नहीं है। हम आपको बस सरकार आंकड़ों और श्मशान घाट पर पहुंचने वाले शवों के आंकड़ों से रूबरू करवा रहे हैं। ये तस्वीरें आपको विचलित कर सकती हैं।
Record 476 funerals in one day in Kanpur
रात को भी जली चिताएं - फोटो : amar ujala
बढ़ती संख्या को देखते हुए घाटों पर टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। यह बात और है कि सरकारी आंकड़ों में गुरुवार को कोरोना से महज तीन मौतें हुईं। इसके अलावा छह मौतें देरी से पोर्टल पर अपडेट करने की जानकारी दी गई है। घाटों पर एक साथ दर्जनों चिताओं से उठतीं लपटें दिल झकझोर रही हैं। सामान्य दिनों में इन घाटों पर 90 से 100 शवों का अंतिम संस्कार होता है।

 
Record 476 funerals in one day in Kanpur
शवों की लगी हैं लबी कतारें - फोटो : amar ujala
अब यह संख्या पांच गुना तक अधिक होने से स्थितियां नियंत्रण से बाहर हो रही हैं। भैरोघाट विद्युत शवदाह गृह में दूसरे दिन भी कोरोना संक्रमित मरीजों समेत 62 शव पहुंचे। यहां दोनों भट्ठियों में शाम 6 बजे तक 16 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। 15 अन्य शव कतार में थे, जबकि कोरोना संक्रमित मरीजों सहित 31 का अंतिम संस्कार लकड़ियों से कराया गया। भैरोघाट श्मशानघाट में दाह संस्कार की पर्चियां बनाने वाले जितेंद्र कुमार ने बताया कि तड़के से रात 8 बजे तक 90 शव आए।

 
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Record 476 funerals in one day in Kanpur
बिठूर घाट का खौफनाक मंजर - फोटो : amar ujala
लकड़ियों की कमी नहीं है। लेकिन, घाट पर जगह कम पड़ने से गंगा किनारे रेत में भी अंतिम संस्कार हुए। इसी तरह भगवतदास घाट के विद्युत शवदाह गृह में आठ और लकड़ियों से 45 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। स्वर्गाश्रम के प्रधान बल्देव राज मेहरोत्रा ने बताया कि 50 शवों का अंतिम संस्कार किया गया। यह अब तक का इस घाट का सर्वाधिक शवों का रिकॉर्ड है।

 
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Record 476 funerals in one day in Kanpur
विद्युत शव दाह ग्रह के पार्क में हुआ अंतिम संस्कार - फोटो : amar ujala
शव ज्यादा आने के कारण पार्क में भी अंत्येष्टि करनी पड़ रही है। सिद्धनाथ घाट का प्रबंधन देख रहे भगत गुजराल ने बताया कि घाट पर 16 शवों का अंतिम संस्कार हुआ, जबकि इससे लगभग डेढ़ गुना ज्यादा चिताएं गंगा किनारे जलाई गईं। ड्योढ़ी घाट में भी रात आठ बजे तक अंतिम क्रिया चलती रही। बिठूर सहित अन्य घाटों और उनके आसपास गंगा किनारे अंतिम संस्कार किए गए।

 
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