फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जो सार्वजनिक रूप से गलत का विरोध कर सके वही है सिंहः रामभद्राचार्य

Wed, 07 Mar 2018 03:03 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 07 Mar 2018 03:03 PM IST
विज्ञापन
rambhadracharya says about white money and white mind
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
जगद्गुरु रामानंदाचार्य तुलसीपीठाध्वीश्वर स्वामी श्रीरामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि जब मनी व्हाइट होगी तब मन भी व्हाइट होगा। तभी बच्चों को और भारत की युवा पीढ़ी को संस्कार भी अच्छे मिलेंगे। पापी मनुष्य का अन्न भी नहीं खाना चाहिए और न ही लूट खसोट का धन खाना चाहिए। यदि आप ऐसा करेंगे तो जीवन में कभी सुख और शांति नहीं मिलेगी।

 
rambhadracharya says about white money and white mind
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
रामाभिराम सेवा संस्थान की ओर से कानपुर के बड़ा सेंट्रल पार्क में चल रही श्रीरामकथा में श्रीरामभद्राचार्य ने कहा कि पितरों का श्राद्ध सदैव श्रद्धा से करना चाहिए। वैसे भी जिस कार्य में श्रद्धा नहीं होती है वह कार्य कभी सफल नहीं होता है। वह चाहे भगवान की पूजा हो या फिर नौकरी-व्यापार। सभी के लिए श्रद्धा अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो अपने कर्त्तव्य का पालन करेगा वह कभी दुखी नहीं हो सकता। कर्त्तव्य विस्मरण है दुख, कर्त्तव्य स्मरण है सुख। भीष्म को कर्त्तव्य विस्मरण हुआ और दुर्योधन का साथ दिया। द्रोपदी के करुण कंदन में वह कर्त्तव्य की आवाज नहीं सुन पाए।
 
rambhadracharya says about white money and white mind
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
महाकाव्य रघुवंश के अनुसार सीताजी कहती हैं रावण से वही महिला सर्वश्रेष्ठ है जो ससुराल की मर्यादा को आंच नहीं आने देती। जटायुजी रघुकुल तिलक की नारी को पहचान गए परंतु भीष्म पितामह कुरुकुल तिलक की नारी को नहीं पहचान पाए। भगवान कृष्ण कह रहे हैं जो गलत है उसका विरोध होना ही चाहिए। सिंह की गर्जना सार्वजनिक होती है। जो सार्वजनिक रूप से गलत का विरोध कर सके वहीं सिंह है। उसी को धर्म सिंह के सिंहासन पर बैठाना चाहिए। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन
rambhadracharya says about white money and white mind
जगद्गुरु रामभद्राचार्य
प्रसंगवश उन्होंने कहा कि उन्नाव के पास गांव है बदरका। जहां चंद्रशेखर आजाद का जन्म हुआ सीताराम तिवारी के घर में। आजाद जानते थे कि अंग्रेजों को अकेले न हरा पाएंगे पर वह जब तक जीवित रहे तब तक अपने राष्ट्र के लिए प्राणपर्यंत प्रयास किया। जटायु की भी यही परिस्थिति है। इस मौके पर संयोजक पूर्व विधायक अजय कपूर, अमित झा, भक्ति विजय शुक्ला, टिल्लू सिंह आदि मौजूद रहे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed