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राजू श्रीवास्तव के जन्मदिन पर जानिए आखिर कैसे 12 साल तक प्यार में पागल रहे ‘गजोधर भैय्या’
Tue, 25 Dec 2018 05:08 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 25 Dec 2018 05:08 PM IST
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अपनी अदाओं और चुटकुलों से सबको लोटपोट कर देने वाले ‘गजोधर भैय्या’ यानी कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का आज जन्मदिन है। राजू जितने अलबेले हैं उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली इनकी प्रेम कहानी है। राजू अपने दूर की रिश्तेदार शिखा के प्यार में पूरे 12 सालों तक पागल रहे। इन बारह सालों में राजू ने शिखा को पटाने के नायाब तरीके खोज निकाले।
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राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव है। कानपुर के बाबूपुरवा में रहने वाले रमेश चंद्र श्रीवास्तव (बलई काका) के घर राजू ने 25 दिसम्बर 1963 में जन्म लिया था। राजू कहते हैं कि 1981 में उनके बड़े भाई की शादी फतेहपुर में तय हुई थी। कानपुर से बारात लेकर गए। वहीं शिखा को पहली बार देखा और पहली ही नजर प्यार हो गया। सोचा अब इसी से ही शादी करूंगा। शिखा के बारे में छानबीन की तो पता चला ये भाभी के चाचा की बेटी हैं।
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राजू ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शिखा के घर के बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि वह इटावा में रहती हैं। इनके भाइयों को किसी तरह पटाया। फिर कोई न कोई बहाना लेकर इटावा जाने लगा लेकिन कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं थी। इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री में किस्मत आजमाने के लिए 1982 में मुंबई गया। तगड़ा स्ट्रगल किया जब कुछ कमाने खाने लायक बन गया तो ये महसूस हुआ कि अब शादी कर लेनी चाहिए।
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राजू बताते हैं कि शिखा से संपर्क साधने के लिए बीच-बीच में उनके घर चिट्ठी भेजता था लेकिन सीधी- सीधी बात लिखने की हिम्मत ही नहीं पड़ रही थी। ये भी पता करता रहता था कि शिखा की शादी कहीं फिक्स तो नहीं हो गई। शिखा ने कभी खुलकर कोई जवाब नहीं दिया। फिर एक दिन अपने घरवालों के जरिये शिखा के घर रिश्ते की बात पहुंचाई। कुछ दिनों बाद शिखा के भाई मेरे मलाड मुंबई वाले घर आये।
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शिखा हर रिश्ता मना कर रही थीं। कभी इन्हें लडका पसंद नहीं आता तो कभी उसकी नौकरी। घर वाले परेशान थे। इसी बात से अंदाजा हुआ कि शिखा भी मुझसे शादी करना चाहती हैं। शिखा के भाई ने मुंबई में मेरा घर देखा और उन्हें फिर तसल्ली हो गई थी कि लड़का उनकी बहन को खुश रखेगा। दोनों की शादी 17 मई 1993 को हुई थी।