जम्मू के पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए उन्नाव जिले के लाल अजीत कुमार आजाद का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह जैसे ही लोक नगर पहुंचा वैसे ही हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए। युवाओं ने जब तक सूरज चांद रहेगा, अजीत तेरा नाम रहेगा नारा लगाया तो माहौल नम हो गया। इस दौरान लोगों ने पाकिस्तान के विरोध में भी नारे लगाए।
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शहीदों का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
सुबह 7:25 बजे सीआरपीएफ के जवानों ने जैसे ही पार्थिव शरीर को ट्रक से नीचे उतारा वैसे ही लोगों ने गगनभेदी नारे लगाने शुरू कर दिए थे। अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को उनके आवास के बाहर रख दिया गया था। यहां अंतिम दर्शन कर लोगों ने पुष्प अर्पित किए। लोगों ने एक स्वर में सरकार से इस घटना का बदला लेने की भी मांग उठाई। अंतिम यात्रा में शामिल लेागों ने हाथों में तिरंगा लेकर अजीत आजाद जिंदाबाद, भारत माता की जय के नारे लगाए।
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शहीदों का अंतिम संस्कार
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शहीद अजीत कुमार आजाद की अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने सड़क पर उतर नारेबाजी की। शहर के अकरमपुर के निकट लोगों ने पड़ोसी देश पाकिस्तान का पुतला फूंका और मुर्दाबाद के नारे लगाए। यहां प्रशासन ने आक्रोशित लोगों को किसी तरह संभाला।
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जम्मू के पुलवामा में 21 अक्तूबर 2018 को आतंकियों से लोहा लेते हुए बीघापुर निवासी सीआरपीएफ जवान विजय कुमार शहीद हो गए थे। शनिवार को शहीद विजय की पत्नी प्रतिभा अपनी नवजात बच्ची के साथ शहर पहुंची। उन्होंने शहीद अजीत के अंतिम दर्शन कर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान उनकी आंखें नम हो गईं।
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शहीद अजीत की अंतिम यात्रा के दर्शन करने के लिए हर कोई बेताब था। शनिवार दोपहर जैसे ही यात्रा अकरमपुर औद्योगिक क्षेत्र पहुंची वैसे ही फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक फैक्ट्री से निकल बाहर आ गए और मानव शृंखला बनाकर शहीद अजीत के अंतिम दर्शन किए।