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'गरीबों की रॉबिनहुड' थी ये ताकतवर महिला डकैत, अप्राकृतिक सेक्स और गैंगरेप से भी नहीं डरी

Sat, 19 May 2018 06:33 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 19 May 2018 06:33 AM IST
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Pulan Devi was the God of the poor
फूलन देवी की कहानी
डकैत के रूप में वह औरत रॉबिनहुड की तरह गरीबों की पैरोकार समझी जाती थी। सबसे पहली बार 1981 में वह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में तब आई जब उसने ऊंची जातियों के बाइस लोगों का एक साथ तथाकथित (नरसंहार) किया जो (ठाकुर) जाति के (ज़मींदार) लोग थे। हम बात कर रहे हैं दस्यु सुंदरी फूलन देवी की। जिसने 14 फरवरी के दिन 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था, बदला लेने के बाद यह महिला अपने जैसे तमाम महिलाअाें के लिए मसीहा बन गई। जुर्म की दुनिया छाेड़कर लाेगाें ने इसे संसद तक पहुंचाया। अपनी छोटी सी जिंदगी में इस औरत ने तमाम दुख झेले। यही वजह थी यूपी के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली ये औरत पूरी दुनिया में चर्चित हो गई।

जानिए फूलन देवी के बारे में कुछ अनसुनी बातें...
 
Pulan Devi was the God of the poor
फूलन देवी की कहानी
आउटलॉ नाम की एक किताब छपी 
चंबल के बीहड़ों से संसद पहुँचने वाली फूलन देवी पर ब्रिटेन में आउटलॉ नाम की एक किताब प्रकाशित हुई है जिसमें उनके जीवन के कई पहलुओं पर चर्चा की गई है। फूलन देवी को मिली जेल की सजा के बारे में पढ़ने के लेखक रॉय मॉक्सहैम ने 1992 में उनसे पत्राचार शुरू किया। जब फूलन देवी ने उनके पत्र का जवाब दिया तो रॉय मॉक्सहैम भारत आए और उन्हें फूलन देवी को करीब से जानने का मौका मिला।  
 
Pulan Devi was the God of the poor
फूलन देवी की कहानी
उत्तर प्रदेश के जालौन के पास बने पूरवा गांव में 10 अगस्त 1963 में फूलन देवी का जन्म हुआ था। इसी गांव से उसका कहानी भी शुरू होती है। जहां वह अपने मां-बाप और बहनों के साथ रहती थी। कानपुर के पास स्थित इस गांव में फूलन के परिवार को मल्लाह होने के चलते ऊंची जातियों के लोग हेय दृष्टि से देखते थे। इनके साथ गुलामों जैसा बर्ताव किया जाता था। फूलन के पिता की सारी जमीन उसके भाई से झगड़े में छिन गई थी। फूलन के पिता जो कुछ भी कमाते वह जमीन के झगड़े के चलते वकीलों की फीस में चला जाता।

 
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Pulan Devi was the God of the poor
फूलन देवी की कहानी
फूलन इसी तरह के दमघोंटू माहौल में पलते-पलते अंदर से बदले की आग से जलने लगी। उसकी इस जलन को सुलगाने में उसकी मां ने भी आग में घी का काम किया। जब फूलन 11 साल की हुई, तो उसके चचेरे भाई मायादिन ने उसको गांव से बाहर निकालने के लिए उसकी शादी पुट्टी लाल नाम के बूढ़े आदमी से करवा दी गई। फूलन के पति ने शादी के तुरंत बाद ही उसका रेप किया और उसे प्रताडित करने लगा। परेशान होकर फूलन पति का घर छोड़कर वापस मां-बाप के पास आकर रहने लगी।
 
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Pulan Devi was the God of the poor
फूलन देवी की कहानी
गांव में ही फूलन ने अपने परिवार के साथ मजदूरी करना शुरू कर दिया। यहीं से लोगों को फूलन के विद्रोही स्वभाव के नजारे देखने को मिले। एक बार तो जब एक आदमी ने फूलन को मकान बनाने में की गई मजदूरी का मेहनताना देने से मना कर दिया, तो उसने रात को उस आदमी के मकान को ही कचरे के ढेर में बदल दिया।
 
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