कानपुर शहर की मलिन बस्तियों को आधुनिक टाउनशिप में बदलने के लिए केडीए को गुजरात मॉडल भाया है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जाने वाले फ्लैट प्री कास्ट तकनीक से बनेंगे। इस तकनीक में फ्लैट का ढांचा कहीं और बनता है फिर उसे लाकर रख दिया जाता है। धीरे-धीरे फ्लैट के टावर तैयार हो जाते हैं।
आंध्र में इसी योजना से पीएम आवास बनाए जा रहे हैं। सोमवार को गुजरात, आंध्र और महाराष्ट्र के दौरे से लौटे केडीए वीसी के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि गुजरात की न्यूलक्ष्मी नगर मलिन बस्ती को 50 करोड़ रुपये से निजी डेवलेपरों ने बदल डाला। 11 मंजिला इमारत में बस्ती के निवासियों को फ्लैट दिए गए, बाकी जमीन पर बिल्डरों ने अपनी परियोजना बसाई।
2010 में लागू इस योजना को 15 माह में पूरा कर लिया गया। यहां लिफ्ट, सामुदायिक केंद्र, आंगनबाड़ी, दुकानों आदि की सुविधाएं हैं। इसी की तरह अब जूही कलां की मलिन बस्ती में बिल्डर फ्लैट बनाएंगे। यहां बनने वाले 448 फ्लैटों के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। ये फ्लैट गरीबों को मुफ्त दिए जाएंगे। बस्ती की बाकी जगह पर बिल्डर फ्लैट बना बेचेंगे।
शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले 10,200 फ्लैट आंध्र की तर्ज पर बनेंगे। वहां फ्लैट प्री कास्ट तकनीक पर बनाए गए हैं। इस तकनीक से 10 से 12 मंजिला फ्लैटों का टावर सिर्फ पांच माह में पूरा हो जाता है। केडीए को 30 वर्गमीटर के दो कमरों का एक फ्लैट बनाना है। पहले चरण में महावीर नगर पनकी में 5000 फ्लैट बनेंगे। जिसके टेंडर पड़ चुके हैं।