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पूर्वा एक्सप्रेस रेल हादसे की दर्दनाक तस्वीरें, जब आधी रात को 127 किमी. की रफ्तार में पलटे 10 डिब्बे
Sun, 21 Apr 2019 09:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 21 Apr 2019 09:51 AM IST
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पटरी से उतरने के बाद ताश के पत्ताें की तरह बिखर गई पूर्वा एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
हावड़ा से नई दिल्ली जा रही पूर्वा एक्सप्रेस के शुक्रवार देर रात रूमा यार्ड में डीरेल होकर पलटने जैसे भीषण हादसे में हर यात्री की जिंदगी सुरक्षित होने की चर्चा हर तरफ है। देर रात 1 बजे करीब जब सभी यात्री गहरी नीदं में थे तो अचानक से एक तेज धमाके के साथ पूर्वा एक्सप्रेस के 10 डिब्बे एक-एक कर पटरी से उतर गए। जिसके बाद हर ओर चीख पुकार मच गई।
डिरेल होने के बाद पूर्वा एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
इस ट्रेन में 2015 में लगे एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच इन यात्रियों की जान के सुरक्षा कवच बने। यही वजह रही कि 127 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के बीच डिब्बे पलटने के बावजूद हल्की फुल्की चोटें ही यात्रियों को आईं। लेकिन ये हादसा दिल दहला देने वाला था।
जब सुबह हुई तो कुछ ऐसा था रेल हादसे का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में भर्ती होने की नौबत महज पांच यात्रियों को आई। इसमें से चार यात्री इलाज के बाद शनिवार शाम को डिस्चार्ज कर दिए गए। अगर इस ट्रेन में एलएचबी कोच न होते तो बड़ी संख्या में यात्रियों की जान जा सकती थीं।
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हादसा इतना भयंकर था कि पटरियां उखड़ गईं
- फोटो : अमर उजाला
जिस तरह से रूमा में 127 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन के कोच पलटे हैं, वह बेहद भयावह स्थिति की ओर इशारा करते हैं। 30 नवंबर 2016 को पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस भी इसी तरह से डीरेल हुई थी।
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हादसे के बाद मौके पर ट्रेन को किनारे करते रेल कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उसमें एचएलबी कोच न होने से उसकी बोगियां एक दूसरे पर चढ़ गई थीं। उस हादसे में 152 यात्रियों की मौत हुईं थीं और 300 से अधिक घायल हुए थे। पूर्वा एक्सप्रेस ताश के पत्तों की तरह बिखरी हुई पड़ी थी।