यूपी की कन्नौज लोकसभा सीट सपा के साथ भाजपा के लिए भी बेहद खास है। शायद यही वजह है कि पीएम मोदी डिंपल यादव के गढ़ में घुस कर सपा-बसपा गठबंधन पर वार करने की योजना बना रहे हैं। कभी इसी सीट से अखिलेश यादव ने अपने चुनावी सफर की शुरुआत की थी फिर इस सीट पर डिंपल यादव ने कब्जा जमाया।
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अखिलेश यादव ने पत्नी डिंपल के लिए तैयार किया चुनावी रण, क्या पीएम मोदी भेद पाएंगे सपा का गढ़
Fri, 12 Apr 2019 01:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 12 Apr 2019 01:38 PM IST
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पति अखिलेश यादव के साथ डिंपल यादव
- फोटो : अमर उजाला
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मायावती, पीएम मोदी, अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव 2019 में कनौज लोकसभा सीट से सपा बसपा गठबंधन की प्रत्याशी डिंपल यादव के सामने चाचा शिवपाल यादव ने ससुर धर्म निभाते हुए कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। जिसके बाद इस सीट पर कांग्रेस भाजपा के साथ सपा बसपा गठबंधन की टक्कर होगी।
पीएम नरेंद्र मोदी व अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
बीजेपी के सूत्रों की माने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अप्रैल को कन्नौज में रैली के जरिए सपा बसपा गठबंधन पर निशाना साधेंगे। पीएम मोदी की रैली की सूचना के बाद कन्नौज में भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है। पार्टी ने कन्नौज में पीएम मोदी की रैली को देखते हुए तैयारियां भी शुरु कर दी हैं।
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पीएम मोदी अखिलेश यादव सीएम योगी (फाइल फोटो)
आपको बताते चले की पीएम मोदी से पहले 25 अप्रैल को मायावती, अखिलेश और डिंपल की जनसभा होनी है। जिसमें पीएम मोदी और कांग्रेस सपा बसपा गठबंधन के निशाने पर रहेगी। 25 अप्रैल को तिर्वा के ही डीएन कालेज मैदान में मायावती और अखिलेश की संयुक्त रैली गठबंधन प्रत्याशी डिंपल यादव के पक्ष में होनी है।
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पीएम मोदी कानपुर में रैली को संबोधित करते हुए (फाइल फोटो)
यानी अखिलेश और मायावती जो माहौल 25 को बनाएंगे, उसे मोदी की रैली से नुकसान हो सकता है। 27 अप्रैल को प्रचार का आखिरी दिन होगा, इसलिए मोदी की रैली के बाद विरोधी दल के सामने ज्यादा कुछ प्रचार के लिहाज से करने को नहीं होगा। ऐसे में भाजपा की इस रणनीति से विरोधी खेमे में चिंता बढ़ सकती है।