काली कमाई का कुबेर: आनंदपुरी में 14 साल से रह रहा पीयूष जैन, आसपास और मोहल्ले के लोगों से नहीं है ज्यादा मेलजोल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sat, 01 Jan 2022 10:40 AM IST
Tax raid: पीयूष जैन
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काली कमाई के कुबेर इत्र कारोबारी पीयूष जैन 14 साल से आनंदपुरी मोहल्ले में रह रहा है। इसके बाद भी आसपास के लोग उसे ढंग से नहीं जानते। मोहल्ले वालों के मुताबिक, वह ज्यादा मिलनसार नहीं रहा। यहां तक कि बुजुर्गों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

22 दिसंबर को डीजीजीआई की कार्रवाई के बाद सुर्खियों में आए पीयूष ने वर्ष-2007 में आनंदपुरी में मकान खरीदा था। इसके इसी मकान से 177.45 करोड़ की नकदी बरामद हुई है। इसके बाद से आनंदपुरी हॉट स्पॉट बना है। यहां पर जैन समाज के 40 से ज्यादा परिवार रहते हैं।

आनंदपुरी का जैन मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। मोहल्ले के रहने वाले कारोबारी मनोज बंका ने बताया कि उनका मकान पीयूष के ठीक सामने पार्क की दूसरी तरफ है। पीयूष से कभी-कभार ही दुआसलाम होती थी। उसके बारे में बहुत अधिक जानकारी भी नहीं थी।
इत्र व्यापारी पीयूष जैन के ठिकानों पर छापेमारी
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युवा वर्ग तो जानता तक नहीं। वह यहां पर रहता भी कम था। वहीं मोहल्ले के अनूप जैन ने बताया कि पीयूष का किसी से ज्यादा मेलजोल नहीं रहा। मंदिर में जरूर एक-दो बार मुलाकात हुई होगी। कार्यक्रमों में भी वह ज्यादा नहीं नजर आता था। उसके बारे में लोग सिर्फ यही जानते थे कि वह इत्र कारोबारी है।

 
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Tax raid
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पम्पी जैन से नहीं मिला कोई संबंध
डीजीजीआई की अब तक की जांच में पीयूष जैन का इत्र कारोबारी और सपा एमएलसी पुष्पराज जैन उर्फ पम्पी से कोई संबंध सामने नहीं आया है। दोनों एक ही कारोबार में हैं जरूर, लेकिन अलग-अलग काम करते हैं। पम्पी जैन का कारोबार देश के अलग-अलग हिस्सों में फैला हुआ है।

 
Tax Raid: पीयूष जैन
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नकदी सौ करोड़ की डील की तो नहीं
सूत्रों का दावा है कि पीयूष जैन एक बड़ी पान मसाला कंपनी को कंपाउंड की सप्लाई करता था। इसका कंपाउंड उपयोग में लाने के बाद कंपनी का कारोबार नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। इस बीच, पान मसाला कंपनी के मालिक से मनमाने रेट वसूलने लगा। इसके बाद दोनों के बीच डील हुई।
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Tax raid: पीयूष जैन को भेजा गया जेल
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इसमें पीयूष ने पान मसाला में उपयोग में लाए जाने वाले कंपाउंड का फार्मूला सौ करोड़ रुपये लेकर बेचा। संभावना है कि 177 करोड़ की नकदी उसी रकम का बड़ा हिस्सा हो। सूत्रों ने बताया कि फार्मूला मिलने के बाद कारोबारी ने पीयूष से खुन्नस मान ली थी। इसी के चलते उसे फंसाने का खेल रचा गया। इसमें कुछ अफसर भी शामिल हो सकते हैं।
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