यूपी के उन्नाव जिले में अधिकारियों की हीलाहवाली और गैरजिम्मेदाराना रवैये का एक मामला सांमने आया तो पूरे जनपद में सनसनी का माहौल बन गया। बात ही कुछ ऐसी थी कि जिसने भी सुना वह दंग रह गया। जानें क्या है पूरा मामला...
नवाबगंज ब्लाक के कुंजपुर प्राथमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक पद पर तैनात अरविंद अवस्थी की ड्यूटी मतदाता सूची पुनरीक्षण में बीएलओ (बूथ लेविल अफसर) में हसनगंज एसडीएम ने लगाई थी। अरविंद अवस्थी मौजूदा समय में बीमार हैं। उन्होंने इलाज के पर्चे व रिपोर्ट प्रस्तुत कर बीईओ से बीएलओ ड्यूटी मुक्त करने का आवेदन किया था।
बीईओ सुरेंद्र कुमार मौर्या ने शिक्षक की बीमारी कालम में गर्भावस्था दर्शा कर कार्यमुक्त कर दिया। बीईओ की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई तो चर्चा का विषय बन गई। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो आनन-फानन संशोधित आर्डर जारी कर बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बीईओ सुरेंद्र मौर्य ने बताया कि बीएलओ ड्यूटी से कार्यमुक्त होने के लिए शिक्षक अरविंद अवस्थी के अलावा चार गर्भवती महिलाओं ने भी आवेदन किया था। कंप्यूटर फीडिंग के दैरान बीमारी के कालम में भूलवश गर्भवती अंकित हो गया। उन्हें संशोधित पत्र जारी किए जाने की बात भी कही। उधर बीएसए बीके शर्मा ने बीईओ से पूरे मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है।