काैन हैं 'तौसीफ और नईम' जिसके लिए कश्मीरी छात्रों से दिल्ली में एनआईए ने की पूछताछ
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उनका कहना है कि मदरसे में कहीं कोई गलत गतिविधियां कभी नहीं हुईं। न भविष्य में होंगी। बांदा शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर हथौरा गांव स्थित जामिया अरबिया मदरसा 1933 से चल रहा है। इसकी पूरे विश्व में पहचान है। इसकी स्थापना मशहूर बुजुर्ग मौलाना कारी सैय्यद सिद्दीक अहमद ने की थी। अब उनके बेटे कमान संभाले हैं। कश्मीर निवासी छात्र तौसीफ अहमद पूर्व में यहां मदरसे का छात्र रहा है।
उसके यहां रहने के दौरान शेख अब्दुल नईम नामक कश्मीरी युवक उससे मिलने आया था। एनआईए को नईम की तलाश है। वह पुराने कुछ मामलों में आरोपी है। एनआईए यह पता कर रही है कि तौसीफ और नईम के तार कहां-कहां और कितने जुडे़ हैं। इसी सिलसिले में एनआईए टीम ने 8 मार्च को हथौरा मदरसा आकर जांच-पड़ताल की थी। मदरसा संचालकों सहित मौजूदा यहां पढ़ रहे सात कश्मीरी छात्रों से देर तक पूछताछ की थी।
मदरसा के रिकार्ड देखे थे। एनआईए ने दूसरे चरण में 19 मार्च को मदरसा संचालकों को दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय बुलाकर रिकार्ड आदि देखे थे और पूछताछ की थी। एनआईए ने यहां पढ़ रहे सातों कश्मीरी छात्रों से 28 मार्च को दिल्ली बुलाकर पूछताछ की थी। अब बुधवार (4 अप्रैल) को पुन: दिल्ली बुलाया है।