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मुंबई ब्लास्ट का आरोपी जलीस अंसारी ट्रेन में बैठ आया था कानपुर, बाेला घर में बीवी से होती थी लड़ाई

Sat, 18 Jan 2020 09:23 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 18 Jan 2020 09:23 AM IST
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Mumbai blast case accused Jalis Ansari arrested from kanpur
जलीस अंसारी को पकड़ कर ले जाती एसटीएफ - फोटो : अमर उजाला
1993 मुंबई ब्लास्ट मामले में फरार आरोपी जलीस अंसारी काे शुक्रवार दोपहर विशेष जांच दल (एसटीएफ) ने उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार किया है। डीजीपी ओम प्रकाश (ओ. पी. सिंह) ने बताया कि वह एक मस्जिद से निकल कर रेलवे स्टेशन जा रहा था। जलीस पैरोल पर मुम्बई से फरार हुआ था। 

 

 

Mumbai blast case accused Jalis Ansari arrested from kanpur
डेमो - फोटो : अमर उजाला
26 दिसम्बर को 3 सप्ताह के लिए पेरोल पर छोड़ा गया था। 50 से अधिक बम विस्फोट और आतंकवादी घटनाओं में उसका नाम है। वह उत्तर प्रदेश (यूपी) के माध्यम से देश छोड़ने की फिराक में था। उसको कानपुर से गिरफ्तार कर लखनऊ लाया गया है। जलीस बॉम्ब बनाने का मास्टर है।

 

Mumbai blast case accused Jalis Ansari arrested from kanpur
डेमो - फोटो : अमर उजाला
मुंबई में 1993 में हुए बम ब्लास्ट का मोस्ट वांटेड आतंकी डॉक्टर जलील अंसारी मुंबई से पुष्पक एक्सप्रेस ट्रेन में कानपुर के लिए बैठा था। वह कानपुर के सेंट्रल स्टेशन पर उतरा था। इसके बाद वह फेथफुलगंज स्थित ऊंची मस्जिद गया। जहां पर जाकर उसने वहां के मुतवल्ली के पास अपना सामान व बैग रख दिया और अगल-बगल टहलने लगा।

 
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Mumbai blast case accused Jalis Ansari arrested from kanpur
डेमो - फोटो : अमर उजाला
एसटीएफ ने जब उससे पूछताछ की तो बताया कि जब से वह 26 वर्ष बाद पैरोल पर छूट के आया है उसके बाद पत्नी और बच्चों से अक्सर झगड़े होते रहते थे। जिससे परेशान हो गया था और घर छोड़ कर निकल गया। उसने बताया कि 30 वर्ष पुराने दोस्त फेथफुलगंज में रहते थे। दोस्त का नाम अब्दुल रहमान और अब्दुल कयूम था। जिनसे 30 वर्ष पुरानी दोस्ती थी।
 
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Mumbai blast case accused Jalis Ansari arrested from kanpur
डेमो - फोटो : अमर उजाला
यहां आकर पता चला कि अब्दुल रहमान की दुर्घटना में मृत्यु हो गई और अब्दुल कयूम यहां शहर में नहीं है तो उसने ऊंची मस्जिद सामान रख दिया। वहीं नमाज पढ़कर निकला और अगल-बगल के लोगों से बातचीत करते हुए ऐसा जताने लगा कि जैसे वह स्थानीय निवासी है। फिर वह एक छोटे बच्चे के साथ रेलवे स्टेशन तक गया। रेलवे स्टेशन के बाहर वह बच्चे को छोड़कर चला गया।

 
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