उत्तर प्रदेश के उरई में बच्चों के साथ मायके में ईद मनाने आई महिला पर सोते समय कमरे का छप्पर गिर गया। मलबे में दबकर महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई थी। हादसे की सूचना पर पहुंचे पति सद्दाम ने जब पत्नी साबिया और दोनों मासूम बच्चों का शव देखा, तो गश खाकर गिर पड़ा।
Orai Big Accident: छप्पर में दबकर मां और दो मासूमों की हुई थी मौत, पति बोला- मालिक! मेरे किस कसूर की सजा है
बल्ली गिरने से हुई मौत
नफीस ने बताया कि वह अपने पुत्र इम्तियाज के साथ छत पर सो रहे थे। दुकान वाले कमरे में पंखा लगा होने से पत्नी नूरजहां बेटी साबिया व नाती, नातिन वहां सो रहे थे। सुबह जैसे ही छप्पर गिरा, तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। मोहल्ले के लोगों के सहयोग से सभी को जल्दी ही निकाल लिया गया, लेकिन घटना स्थल पर ही मौत हो गई।
ईद मनाने आई थी मायके
शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला लहारियापुरवा स्थित फकीरनटोला निवासी नफीस की 25 वर्षीय बेटी साबिया दो दिन पहले मायके में ईद मनाने आई थी। जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भवानीराम निवासी साबिया के साथ में उसका दो साल का बेटा फैज और छह माह की बेटी अनाविया भी आए थे।
अचानक गिर गया छप्पर, दब गए थे चारों
शुक्रवार रात खाना खाकर साबिया, बेटा, बेटी और उसकी 50 वर्षीय मां नूरजहां छप्पर वाले कमरे में सोने चली गई। साबिया के पिता नफीस और उसका भाई इम्तियाज छत पर सो रहे थे। शनिवार सुबह लगभग चार बजे अचानक छत का छप्पर भरभराकर गिर गया। चारों लोग मलबे में दब गए।
पति शवों को लेकर जालौन चले गए
छप्पर गिरने की आवाज से जागे भाई और पिता ने शोर मचाया, तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी को मलबे से निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने साबिया, पुत्र फैज और पुत्री अनाविया को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंचे पति सद्दाम तीनों के शवों को जालौन ले गए।