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मायावती ने यूपी की इस सीट पर नामांकन से एक दिन पहले खेला अपना दांव, राजनीतिक दलों में आया भूचाल
Wed, 10 Apr 2019 04:58 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 10 Apr 2019 04:58 AM IST
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पीएम मोदी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, मायावती
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लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावी दंगल में काफी उधेड़बुन के बाद आखिरकार बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने 49-लोकसभा प्रभारी सुखदेव प्रसाद वर्मा को सांसद प्रत्याशी घोषित कर दिया। नामांकन के ठीक एक दिन पहले ऐसा हो जाने से गठबंधन में शामिल दलों ने भी राहत की सांस ली। अभी तक पार्टी की ओर से प्रत्याशी घोषित न होने से प्रचार का सिलसिला रुका सा पड़ा था।
नामांकन में नजर आएंगे बड़े चेहरे
मुलायम सिंह यादव-मायावती (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
बता दें कि भाजपा से मुकाबला करने के लिए इस बार सपा-बसपा व रालोद ने गठबंधन किया है। कांग्रेस इनसे अलग है। गठबंधन फैसले में फतेहपुर की सीट बसपा के खाते में आई है। बसपा ने बिंदकी विधानसभा से लगातार दो बार विधायक रहे सुखदेव प्रसाद वर्मा को प्रत्याशी बनाया है।
मायावती और अखिलेश (फाइल फोटो)
अभी तक पार्टी ने इन्हें 49-लोकसभा प्रभारी नाम से पद दे रखा था। प्रत्याशी घोषित न होने की वजह से कई तरह के राजनैतिक कयास लगाए जा रहे थे। खुद पूर्व विधायक भी अपने को प्रत्याशी के तौर पर प्रदर्शित करने से परहेज कर रहे थे।
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सुखदेव वर्मा बसपा प्रत्याशी
- फोटो : अमर उजाला
अब मंगलवार को प्रत्याशी घोषित होने के बाद बसपा, सपा और रालोद तीनों से जुड़े नेता व कार्यकर्ताओं ने राहत की सांस ली। बसपा जिलाध्यक्ष अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि प्रत्याशिता घोषित होते ही नामांकन के लिए तैयारी व जिम्मेदारी बांटने का काम तेज कर दिया गया है।
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मायावती-अखिलेश यादव
- फोटो : गूगल
नामांकन के समय पार्टी स्तर के कद्दावर नेतागण के भी आने की उम्मीद है। उधर, सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव का कहना है कि सपा अपने गठबंधन धर्म का पालन तब से कर रही है जब से सीट बसपा के खाते में चली गई। पार्टी के नेता व कार्यकर्ता पूरी तरह गठबंधन में सहभागिता कर लक्ष्य भेदने की तैयारी कर रहे हैं।