जांच के बाद जब एचआईवी की रिपोर्ट निगेटिव अाई, तब तय हाेना शुरु हुईं इस गांव में शादियां
हालात यहां तक पहुंच गए कि एचआईवी पीड़ित बच्चों को उनके अभिभावकों ने स्कूल भेजना बंद कर दिया, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। लोग दहशत के माहौल से उबर रहे हैं। हालांकि सरकारी मशीनरी की ओर से जागरुकता के संबंध में अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया है, इसे लेकर लोगों में आक्रोश है, लेकिन स्थानीय स्तर पर जागरुकता बढ़ी है।
प्रेमगंज के सभासद सुनील ने बताया कि उनके मोहल्ले में दो दिन के अंदर तीन रिश्ते तय हुए हैं। ये शादियां जून में होंगी। एक शादी 19 फरवरी को है। इसकी तैयारी चल रही है। एचआईवी के मामले सामने आने के बाद रिश्तेदार डर गए थे, लेकिन उन्हें समझाया गया तो मान गए हैं। 19 को हर हाल में बारात आएगी। चकमीरापुर के प्रधान राजेश कुमा ने की बांगरमऊ कस्बे में दुकान है।