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क्याें एक प्राेफेसर ने कहा कांफ्रेंस के नाम पर 50 लाख रुपये जुटाए हो, चाय तो पिला देते
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 13 Feb 2018 07:45 PM IST
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14 फरवरी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ करने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सीएसए अारहे हैं। सोमवार को कुलपति प्रो. सुशील सोलोमन ने सीएसए में प्रेस कांफ्रेंस की थी। कांफ्रेंस में चाय न आने पर दो प्रोफेसर भिड़ गए। कांफ्रेंस में चाय की कोई व्यवस्था नहीं थी।
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सीएसए में 14 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को करना है। इस संबंध में कुलपति ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी। कांफ्रेंस खत्म होने के कुछ देर पहले ही किसी ने चाय मंगाने को बोल दिया। मीडिया प्रभारी प्रो. वेद रत्न ने हामी तो भर दी लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि चाय का कोई इंतजाम ही नहीं है।
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इस पर विश्वविद्यालय के विजिलेंस अफसर प्रो. जीएस परिहार ने आयोजन सचिव प्रोफेसर डॉ. एके त्रिपाठी से बोल दिया कि कांफ्रेंस के नाम पर 50 लाख रुपये जुटाए हो, चाय तो पिला देते। इसी बात पर दोनों में काफी गहमागहमी हो गई। प्रोफेसर डॉ. एके त्रिपाठी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का दबाव है।
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हमारा कांफ्रेंस में किसी से कोई विवाद नहीं हुआ था। बस चाय को लेकर बातचीत हो रही थी। प्रोफेसर डॉ. जीएस परिहार ने बताया बात केवल चाय की नहीं है। जब भी हम किसी को आमंत्रित करते हैं तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसका खयाल रखें। सम्मेलन के आयोजन के लिए स्पांसर मिल गया है।
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लेकिन मीडिया के लोगों को एक चाय तक नहीं मिली, इससे विश्वविद्यालय की छवि खराब होती है। कुलपति प्रो. सोलोमन ने बताया कि 14 से 17 फरवरी तक विश्वविद्यालय में होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश और दुनिया के 600 से ज्यादा कृषि वैज्ञानिक शामिल होंगे।