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मनीष हत्याकांड: रिट दाखिल करने के बाद मीनाक्षी में मिलने शहर पहुंची सीमा समृद्धि
Fri, 22 Oct 2021 01:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 22 Oct 2021 01:48 AM IST
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मीनाक्षी गुप्ता से मिलीं सीमा समृद्धि
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस में प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की हत्या किए जाने के मामले में निर्भया केस की वकील सीमा समृद्धि ने गुरुवार को मीनाक्षी गुप्ता से उनके घर पर पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मीनाक्षी से केस के कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं को समझा और उसे अपनी डायरी में नोट किया। वकील का कहना था कि इस मामले में सीबीआई जांच करेगी तो निश्चित इसके रिजल्ट बेहतर होंगे। वकील ने कहा कि यह निर्मम हत्या का है जो पुलिस ने की है। उसके बाद मीनाक्षी पर वहां का पुलिस प्रशासन एफआईआर दर्ज न करवाने का दबाव बना रहा था। 2-3 दिन संघर्ष के बाद रिपोर्ट दर्ज हो सकी। वर्तमान डीएम ने तो यहां तक कहा कि उनके परिवार बर्बाद हो जाएंगे। वकील ने कहा कि क्या इस देश में अपराधियों के परिवार की फिक्त्रस् की जाएगी। क्या आम आदमी को जीने का अधिकार नहीं है।
मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
वकील ने कहा कि रिपोर्ट सिर्फ हत्या की धारा में दर्ज की गई जबकि घटना के समय बहुत लोग कमरे में घुसे थे। तो पुलिस ने धारा 34 (सभी लोगों द्वारा किया गया अपराधिक कृत्य) क्यों नहीं लगाई। होटल के कमरे में सीधे जाने का अधिकार किसने दिया। क्या होटल में अपराधी ठहराये जाते थे जो पुलिस सीधे कमरे में चली गई। होटल स्टाफ और मालिक के खिलाफ धारा 120 बी (षड्यंत्र) की धारा क्यों नहीं लगाई गई। इसके अलावा आरोपित इंस्पेक्टर जेएन सिंह डीबीआर लेकर भागा था। यह षड्यंत्र नहीं तो और क्या होगा।
मनीष गुप्ता हत्याकांड: मृतक की पत्नी मीनाक्षी
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर पुलिस ने हत्या की वहीं जांच कर रहा
वकील ने कहा कि गोरखपुर पुलिस ने मनीष की हत्या की वहीं उसकी जांच कर रहा है भले ही वह सही जांच ही क्यों न हो मगर यह नेचुरल जस्टिस के खिलाफ है। उन्हें ऐसा पता चला है कि पुलिस इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कर सकती है। तो फिर यह बताना होगा कि मनीष की मौत कैसे हुई। पुलिस को पता होता है कि किसे कितना मारेंगे और उससे कितनी दिक्कत होगी। लिहाजा यह मामला गैर इरादतन हत्या का नहीं है।
वकील ने कहा कि गोरखपुर पुलिस ने मनीष की हत्या की वहीं उसकी जांच कर रहा है भले ही वह सही जांच ही क्यों न हो मगर यह नेचुरल जस्टिस के खिलाफ है। उन्हें ऐसा पता चला है कि पुलिस इस मामले में गैर इरादतन हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कर सकती है। तो फिर यह बताना होगा कि मनीष की मौत कैसे हुई। पुलिस को पता होता है कि किसे कितना मारेंगे और उससे कितनी दिक्कत होगी। लिहाजा यह मामला गैर इरादतन हत्या का नहीं है।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड
- फोटो : amar ujala
सीमा के सहयोगी ने दाखिल की पीएआईएल
सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच के लिए एडवोकेट केके शुक्ला ने पीआईएल दाखिल की है। सीमा समृद्धि ने बताया कि वह सहयोगी है। एक बार पुलिस चार्जशीट फाइल कर दे तो उसके बाद वह खुद वकालतनामे पर हस्ताक्षर कर दाखिल करेंगी। उन्होंने कहा की केस लिस्टिंग पर आने के बाद सुनवाई की तिथि मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच के लिए एडवोकेट केके शुक्ला ने पीआईएल दाखिल की है। सीमा समृद्धि ने बताया कि वह सहयोगी है। एक बार पुलिस चार्जशीट फाइल कर दे तो उसके बाद वह खुद वकालतनामे पर हस्ताक्षर कर दाखिल करेंगी। उन्होंने कहा की केस लिस्टिंग पर आने के बाद सुनवाई की तिथि मिलेगी।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला
17 पन्नों की तैयारी की रिपोर्ट
सीमा समृद्धि अपनी टीम संग कार से देर शाम 7:43 बजे मीनाक्षी के घर पहुंची और रात 10:03 बजे उनसे मिलकर निकली। इस दौरान मीनाक्षी द्वारा बताए गए महत्वपूर्ण बिन्दुओं को उन्होंने 17 पन्नों पर नोट किया। जिसमें आखिरी कॉल रिकार्डिंग, वीडियो फुटेज, चोटों के निशान, हॉस्पिटल का वीडियो, अब तक के बयान आदि शामिल है। वहीं इस संबंध में मीनाक्षी गुप्ता का कहना है कि उन्हें एडवोकेट पर पूरा भरोसा है। वह बहुत पहले से मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। सीबीआई जांच के लिए इस लड़ाई को जारी रखा जाएगा।
सीमा समृद्धि अपनी टीम संग कार से देर शाम 7:43 बजे मीनाक्षी के घर पहुंची और रात 10:03 बजे उनसे मिलकर निकली। इस दौरान मीनाक्षी द्वारा बताए गए महत्वपूर्ण बिन्दुओं को उन्होंने 17 पन्नों पर नोट किया। जिसमें आखिरी कॉल रिकार्डिंग, वीडियो फुटेज, चोटों के निशान, हॉस्पिटल का वीडियो, अब तक के बयान आदि शामिल है। वहीं इस संबंध में मीनाक्षी गुप्ता का कहना है कि उन्हें एडवोकेट पर पूरा भरोसा है। वह बहुत पहले से मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है। सीबीआई जांच के लिए इस लड़ाई को जारी रखा जाएगा।