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Manish Gupta Murder Case: मनीष की सांसें थमने के बाद शव ठिकाने लगाने की फिराक में थे पुलिसकर्मी, एसआईटी की जांच में खुलासा
Mon, 11 Oct 2021 09:09 AM IST
शाहरुख खान
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 11 Oct 2021 09:09 AM IST
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मनीष गुप्ता मर्डर केस
- फोटो : अमर उजाला
मनीष गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर जगत नारायण और दरोगा अक्षय मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है। वारदात की रात जब मनीष की सांसें थम गई थीं और पुलिसकर्मियों को एहसास हो गया था कि उसकी मौत हो गई है, तब आरोपी शव ठिकाने लगाने के प्रयास में जुटे थे। आखिर में जब उनको कोई रास्ता नहीं सूझा तब वे बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। इसलिए उनको निजी अस्पताल से मेडिकल कॉलेज पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगा। एसआईटी ने इस तथ्य को अपनी जांच में भी शामिल किया है। गोरखपुर के कृष्णा होटल में 27 सितंबर की रात पुलिस ने कमरा नंबर 512 में दबिश दी थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर बर्रा तीन निवासी मनीष को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया था। बेजान मनीष को वह सबसे पहले पुलिस की जीप से लेकर मानसी अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने बताया कि मनीष की नब्ज नहीं मिल रही है। तत्काल इनको लेकर बीआरडी मेडिकल ले जाओ।
मृतक कारोबारी मनीष गुप्ता।
- फोटो : amar ujala
अस्पताल प्रशासन ने मनीष को वहां से रेफर कर दिया था। एसआईटी की जांच में सामने आया कि जब यहां से पुलिसकर्मी मनीष को लेकर रवाना हुए तो उनको यकीन हो गया था कि मनीष की मौत हो चुकी है। वह तकरीबन दो घंटे बाद बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया।
मनीष गुप्ता हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला
एसआईटी ने जब यह पता करना शुरू किया कि जिस दूरी को दस मिनट में कवर करना था उसमें पुलिसकर्मियों को दो घंटे क्यों लगे। तब सीसीटीवी फुटेज व अन्य तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि पुलिसकर्मी वहां थाने गए। गाड़ी भी बदली।
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मनीष गुप्ता मर्डर केस: होटल में पुलिस की तलाशी के दौरान की तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
इस पूरे समय में वह घूमते रहे थे। कुछ जगहों पर वह रुके भी थे। इस दौरान मनीष के शव को ठिकाने लगाने के प्रयास में जुटे थे। उनको समझ नहीं आ रहा था कि अब करें तो क्या करें। अंत तक जब समझ नहीं सके कि शव का क्या जाए तो वह सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
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मृतक व्यापारी मनीष गुप्ता व मानसी अस्पताल के बाहर मौजूद पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला।
लावारिस में शव फेंकने का बनाया था इरादा, इंस्पेक्टर ने मना किया
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में समाने आया कि जब गाड़ी में बेजान मनीष को लेकर पुलिसकर्मी घूम रहे थे तो एक पुलिसकर्मी ने इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह से कहा कि शव को कहीं ऐसे ही फेंक देते हैं। बाद में लावारिस में बरामद होगा। आगे की जांच होती रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच में समाने आया कि जब गाड़ी में बेजान मनीष को लेकर पुलिसकर्मी घूम रहे थे तो एक पुलिसकर्मी ने इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह से कहा कि शव को कहीं ऐसे ही फेंक देते हैं। बाद में लावारिस में बरामद होगा। आगे की जांच होती रहेगी।