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मोदी लहर में सपा ने अपने गढ़ में गवां दी थी ये सीट, अब गठबंधन प्रत्याशी और भाजपा में होगी टक्कर
Fri, 15 Mar 2019 07:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 15 Mar 2019 07:21 PM IST
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अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव, अमित शाह, पीएम मोदी
- फोटो : गूगल
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उत्तर प्रदेश की सियासत में इटावा मुलायम सिंह यादव के गृह जनपद के रूप में पहचान रखता है। सपा का गढ़ कहलाए जाने वाले इटावा की लोकसभा सीट पर सभी दलों के नेताओं की निगाह रहती हैं। मोदी लहर में पिछले लोकसभा चुनाव में यह सीट सपा से भाजपा ने छीन ली थी।
मुलायम सिंह यादव
एक बार फिर सपा अपनी सीट वापस पाने के लिए जोर आजमाइश में जुट गई है। वर्तमान में इटावा लोकसभा सीट से भाजपा से सांसद अशोक दोहरे हैं। लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही इटावा लोकसभा सीट पर सबसे पहले सपा व बसपा गठबंधन से प्रत्याशी मैदान में हैं।
पीएम मोदी मुलायम सिंह
- फोटो : गूगल
यह सीट सालों से मुलायम सिंह यादव के प्रभाव से जीती जाती रही है। पिछले चुनाव में यह सीट भाजपा के खाते में पहुंची। सबसे पहले सपा-बसपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा है। अब इस सीट को जीतने के लिए हर दल अपनी पूरी ताकत झाेंकना चाहता है। इस बार गठबंधन प्रत्याशी कमलेश मैदान में हैं।
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अखिलेश यादव मुलायम सिंह
- फोटो : गूगल
राजनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक गठबंधन दल के प्रत्याशी को हराने के लिए भाजपा, कांग्रेस, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी व अन्य दल अपने प्रत्याशी के चयन को लेकर असमंजस में बताए जा रहे हैं। इन दलों के सूत्रों की मानें तो गठबंधन प्रत्याशी को हराने के लिए प्रत्याशी का चयन करने में दलों के नेता गोपनीय बैठकें भी कर रहे हैं।
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
इधर भाजपा इस सीट को गंवाना नहीं चाहती। इसलिए पार्टी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। भाजपा मजबूत प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी जो गठबंधन प्रत्याशी को हरा सके और अपना कब्जा बरकरार रख सके। इसलिए भाजपा ने एक बार फिर अपना तंत्र मजबूत किया है।