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यहां शराब अाैर हैसियत के लिए एेसी मारामारी है कि CM काे देना पड़ रहा है दखल
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 17 Feb 2018 08:00 AM IST
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यूपी के कानपुर शहर में इस समय हैसियत अाैर शराब काे लेकर मारामारी मची हुई है। हालात इतने बिगड़ गए कि इसके लिए मुख्यमंत्री काे दखल देना पड़ा अाखिर मामला भी उस विभाग का है जाे राजस्व देने में सबसे अागे रहता है।
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कानपुर कलक्ट्रेट और तहसीलों में इस समय हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए मारामारी मची है। शराब की दुकानों के लिए आवेदन में जरूरी होने के कारण हैसियत प्रमाणपत्र की मांग एकदम से बढ़ गई है। दस दिन में 979 आवेदन आए हैं। इनमें से अभी तक सिर्फ 225 ही जारी हो सके हैं। शराब की दुकानों के लिए 19 से 26 तक ही आवेदन कर सकते हैं।
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शराब की दुकानों के लिए आवेदन करने वाले लोगों की भीड़ कलक्ट्रेट और सदर तहसील में लग रही है। नजारत में आवेदन जमा हो रहे हैं। इसके बाद संबंधित तहसील को भेजे जाते हैं। ज्यादातर आवेदन सदर तहसील के ही हैं। चल और अचल संपत्ति का आकंलन कर वैल्युअर अपनी रिपोर्ट लगाता है।
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इसके बाद नायब तहसीलदार, तहसीलदार और फिर एसडीएम के साइन होते हैं। इसके बाद एडीएम फाइनेंस और फिर आखिर में जिलाधिकारी के हस्ताक्षर से हैसियत प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है जल्द से जल्द हैसियत प्रमाणपत्र जारी करने को कहा गया है।
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आवेदकों को वैल्युअर की लिस्ट भी दी जा रही है जिससे वह जल्द उनसे अपनी संपत्ति का आकंलन करा सके। मुख्यमंत्री के आदेश हैं कि शराब दुकानों के लिए आवेदन की तारीख से पहले हैसियत प्रमाणपत्र जारी कर दिए जाएं। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. आदर्श सिंह ने जिलाधिकारी को इस बारे में पत्र लिखा है।