यूपी: जासूसी-आतंकी वारदातों से जुड़े रहे हैं कानपुर के तार, पकड़े गए हैं कई आईएसआई एजेंट, पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट
Kanpur News: वर्ष 1995 के घंटाघर धमाके से लेकर आईएसआई एजेंटों की गिरफ्तारी, खुरासान मॉड्यूल, दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े कार्डियोलॉजी डॉक्टर शाहीन नेटवर्क और 2021 के अंसार गजवात-उल-हिंद (अलकायदा) असलहा सप्लाई सिंडिकेट तक। कानपुर समय-समय पर आतंकी नेटवर्क और जासूसी गतिविधियों का केंद्र रहा है।
विस्तार
कानपुर शहर से कभी पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तारियां हुईं कभी बम धमाकों में दहशत फैलाने वालों का नाम सामने आया। वहीं, आतंकी गतिविधियों की जांच के तार भी कानपुर तक पहुंचे। ताजा मामले में यूपी एटीएस ने कानपुर से अंकित संखवार को गिरफ्तार किया है। उस पर लाखों फर्जी ईमेल आईडी तैयार कर पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे भारत विरोधी तत्वों को क्रिप्टो करेंसी के बदले बेचने का आरोप है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन आईडी का इस्तेमाल स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी देने में किया गया। अब जांच का अहम सवाल यह है कि इन डिजिटल पहचानों के पीछे कौन लोग थे और उनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में हुआ। इससे शहर से जुड़े सुरक्षा संबंधी सवाल फिर चर्चा में हैं।
शहर में पकड़े गए आईएसआई एजेंट
- 11 सितंबर 2009 को आईएसआई एजेंट इम्तियाज सचेंडी से गिरफ्तार।
- 27 सितंबर 2009 को बिठूर से आईएसआई एजेंट वकास गिरफ्तार।
- 18 सितंबर 2011 को रांची के दुर्बा के आईएसआई एजेंट फैसल रहमान उर्फ गुड्डू को एटीएस ने भारत की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने के आरोप में रेल बाजार से किया गिरफ्तार।
- जुलाई 2012 में सेंट्रल स्टेशन से फिरोज नाम का संदिग्ध गिरफ्तार।
- अप्रैल 2014 को पटना में विस्फोट करने वाले एक संदिग्ध को पनकी स्टेशन के पास से एटीएस ने पकड़ा।
- मार्च 2017 में भोपाल में ट्रेन में ब्लॉस्ट करने वाले आतंकी गिरोह खुरासान मॉड्यूल के तीन आतंकी गिरफ्तार।
शहर में हुए बम विस्फोट
- 1995: घंटाघर चौराहा में साइकिल पर लदे बमों में विस्फोट हुआ।
- 2001: आर्य नगर चौराहा में एक मकान में कुकर बम धमाका।
- 2006: रोशन नगर में बम विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई। एटीएस ने मामले में बिठूर, सचेंडी और बाबूपुरवा से सात लोगों को गिरफ्तार किया।
- 2008: राजीव नगर में विस्फोट में दो लोगों की मौत हुई। इस मामले में बजरंग दल के पूर्व संयोजक भूपेंद्र सिंह का नाम सामने आया।
- 2009: नजीराबाद में विस्फोट में एक बच्ची की मौत हो गई।
- 2010: कल्याणपुर बारासिरोही में विस्फोट में पांच लोगों की मौत हुई। पुलिस ने घटना को अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान हुआ हादसा करार दिया।
- 2011: रावतपुर से किदवई नगर जाने वाला टेंपो में टिफिन बम मिला।
नवंबर 2025 में दिल्ली ब्लॉस्ट
दिल्ली में हुए एक धमाके की जांच के दौरान कानपुर का बड़ा टेरर लिंक सामने आया। यूपी एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों ने कानपुर के एलपीएस हृदय रोग संस्थान (कार्डियोलॉजी विभाग) के एक डॉक्टर को जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े आतंकी डॉ. शाहीन के नेटवर्क का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह कानपुर में रहकर स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रहा था।
अलकायदा और असलहा सप्लाई नेटवर्क (जुलाई 2021)
चमनगंज और सुजातगंज टेरर मॉड्यूल: लखनऊ से गिरफ्तार अलकायदा के विंग अंसार गजवा-तुल-हिंद के आतंकी मिनहाज और मुशीरुद्दीन के तार कानपुर के चमनगंज और सुजातगंज इलाकों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आतंकियों को हथियार और कारतूस की खेप कानपुर के इसी नेटवर्क से सप्लाई की जानी थी।