{"_id":"5bff6e67bdec22419b5de12d","slug":"know-about-advance-jvpc-carbine","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एडवांस कारबाइन से अंधेरे में भी नहीं बच पाएगा दुश्मन, ये भी है खासियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एडवांस कारबाइन से अंधेरे में भी नहीं बच पाएगा दुश्मन, ये भी है खासियत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 29 Nov 2018 10:27 AM IST
सार
- एसएएफ में विकसित की जा रही एडवांस ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन में लगा सकेंगे नाइट विजन कैमरा
- पहले वाली जेवीपीसी की तरह रुक-रुककर नहीं, निरंतर होगी फायरिंग
- एके-47 का आधुनिक संस्करण एके-103 भी निर्माणी में बनाने की तैयारी
विज्ञापन
मोबाइल एप लांच किया गया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्मॉल आर्म्स फैक्ट्री (एसएएफ) में एडवांस ज्वाइंट वेंचर प्रोटेक्टिव कारबाइन (जेवीपीसी) विकसित की जा रही है। इसका नाम मार्क अल्फा जेवीपीसी रखा गया है। कारबाइन के मुकाबले यह एडवांस कारबाइन सटीकता और निरंतरता के मामले में ज्यादा बेहतर होगी। फायरिंग के दौरान बीच-बीच में रुकने वाली समस्या इस एडवांस कारबाइन में नहीं होगी। इस आधुनिक कारबाइन में नाइट विजन कैमरा भी लगा सकेंगे। इससे रात में भी सटीक निशाना लगाया जा सकेगा। पुरानी जेवीपीसी को पैरामिलिट्री फोर्स का जबरदस्त रिस्पांस मिला था। इस बार भी फोर्स विषेश रुचि ले रही हैं।
बुधवार को कानपुर स्थित निर्माणी में वेंडरों के लिए ‘संपर्क एसएएफ’ मोबाइल ऐप की लांचिंग के दौरान निर्माणी के महाप्रबंधक संजय कुमार पटनायक ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में निर्माणी में एके-47 का आधुनिक संस्करण एके-103 का भी निर्माण होगा। इस दिशा में आयुध निर्माणी बोर्ड केंद्र सरकार के साथ मिलकर संबंधित देश के साथ वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेवीपीसी कारबाइन गृह मंत्रालय के अधीन सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ को काफी पसंद है। उनकी जरूरतों के मुताबिक परिवर्तन भी किए जा रहे हैं। बीएसएफ ने परीक्षण भी शुरू कर दिया है।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने 640 कारबाइन, सीआरपीएफ ने 20 हजार और आरपीएफ ने 32 हजार कारबाइन की डिमांड भेजी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी से भी कारबाइन मुद्दे पर जल्द चर्चा होने वाली है। उन्होंने बताया कि निर्माणी में बेल्ट फेल्ड लाइट मशीन गन तैयार कर ली गई है। इसका ट्रायल अगले महीने से इंफेंट्री स्कूल माओ में शुरू होगा। इस मौके पर अपर महाप्रबंधक अजय सिंह, के वासू रॉय, उपमहाप्रबंधक आरके मीना, अधिकारी व वेंडर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को कानपुर स्थित निर्माणी में वेंडरों के लिए ‘संपर्क एसएएफ’ मोबाइल ऐप की लांचिंग के दौरान निर्माणी के महाप्रबंधक संजय कुमार पटनायक ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में निर्माणी में एके-47 का आधुनिक संस्करण एके-103 का भी निर्माण होगा। इस दिशा में आयुध निर्माणी बोर्ड केंद्र सरकार के साथ मिलकर संबंधित देश के साथ वार्ता कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेवीपीसी कारबाइन गृह मंत्रालय के अधीन सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ को काफी पसंद है। उनकी जरूरतों के मुताबिक परिवर्तन भी किए जा रहे हैं। बीएसएफ ने परीक्षण भी शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ पुलिस ने 640 कारबाइन, सीआरपीएफ ने 20 हजार और आरपीएफ ने 32 हजार कारबाइन की डिमांड भेजी है। उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी से भी कारबाइन मुद्दे पर जल्द चर्चा होने वाली है। उन्होंने बताया कि निर्माणी में बेल्ट फेल्ड लाइट मशीन गन तैयार कर ली गई है। इसका ट्रायल अगले महीने से इंफेंट्री स्कूल माओ में शुरू होगा। इस मौके पर अपर महाप्रबंधक अजय सिंह, के वासू रॉय, उपमहाप्रबंधक आरके मीना, अधिकारी व वेंडर मौजूद रहे।
विज्ञापन
डेमो पिक
एडवांस जेवीपीसी की खासियत
कैलिबर : 5.56 एमएम
लेंथ : 550-700 एमएम
वजन : तीन किलो (बगैर मैग्जीन)
रेंज : 200 मीटर
रेट ऑफ फायर : 900 राउंड पर मिनट
नाइट विजन कैमरे से लैस होगी
ऐप से खरीद प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता
कानपुर। संपर्क एसएएफ मोबाइल ऐप से निर्माणी में किसी भी प्रकार की होने वाली खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। ऐप के जरिए निर्माणी में बनने वाले उत्पादों के लिए सप्लाई होने वाले किसी भी प्रकार के मैटीरियल के आर्डर, उसकी गुणवत्ता और आर्डर की जानकारी वेंडरों को हो सकेगी। निर्माणी में लाइट मशीनगन, मशीन गन, कारबाइन के अलावा कई तरह की रिवाल्वर बनती हैं। इनके निर्माण में कई उपकरण और मैटीरियल उपयोग में लाए जाते हैं।
इसकी सप्लाई निर्माणी में वेंडरों की सहायता से होती है। अब इस पूरी प्रक्रिया को ऐप से जोड़कर शुरू कि या गया है। वेंडर यह जान पाएगा कि उसके द्वारा दिया गया मैटीरियल पास हुआ या फेल, उसके आर्डर की जानकारी के अलावा उसके पेमेंट की भी जानकारी उपलब्ध होगी। उसे निर्माणी में जाना भी नहीं पड़ेगा।
कैलिबर : 5.56 एमएम
लेंथ : 550-700 एमएम
वजन : तीन किलो (बगैर मैग्जीन)
रेंज : 200 मीटर
रेट ऑफ फायर : 900 राउंड पर मिनट
नाइट विजन कैमरे से लैस होगी
ऐप से खरीद प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता
कानपुर। संपर्क एसएएफ मोबाइल ऐप से निर्माणी में किसी भी प्रकार की होने वाली खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। ऐप के जरिए निर्माणी में बनने वाले उत्पादों के लिए सप्लाई होने वाले किसी भी प्रकार के मैटीरियल के आर्डर, उसकी गुणवत्ता और आर्डर की जानकारी वेंडरों को हो सकेगी। निर्माणी में लाइट मशीनगन, मशीन गन, कारबाइन के अलावा कई तरह की रिवाल्वर बनती हैं। इनके निर्माण में कई उपकरण और मैटीरियल उपयोग में लाए जाते हैं।
इसकी सप्लाई निर्माणी में वेंडरों की सहायता से होती है। अब इस पूरी प्रक्रिया को ऐप से जोड़कर शुरू कि या गया है। वेंडर यह जान पाएगा कि उसके द्वारा दिया गया मैटीरियल पास हुआ या फेल, उसके आर्डर की जानकारी के अलावा उसके पेमेंट की भी जानकारी उपलब्ध होगी। उसे निर्माणी में जाना भी नहीं पड़ेगा।