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किडनी कांड: पुलिस के लिए सिर दर्द बना मानव अंगों का सौदागर, जानिए कौन है कौशिक
Thu, 21 Feb 2019 01:54 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 21 Feb 2019 01:54 PM IST
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बिचौलिया बन विदेश में मानव अंगों की सौदेबाजी करवाने वाला दिल्ली का डॉ. केतन कौशिक कानपुर पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। दरअसल पुलिस के पास न तो उसका कोई पता है और न ही उसके बारे में ज्यादा जानकारी। ऐसे में पुलिस अब विदेश मंत्रालय से संपर्क कर डॉक्टर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने की तैयारी में है, जिससे वह विदेश न भाग सके।
डॉक्टर है भी या नहीं, पुष्टि नहीं
दरअसल बर्रा क्षेत्र से पकड़े गए सरगना टी राजकुमार ने बताया था कि डॉ. केतन कौशिक के माध्यम से वह डोनरों को टर्की, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों में भेजता था। पुलिस के मुताबिक वह टी राजकुमार से हर बार अलग-अलग जगहों पर मिलता था। बाजार, रेस्टोरेंट या किसी मॉल में बुलाता था। इसलिए उसके बारे में डोनर जुटाने वाले गिरोह के पास भी अधिक जानकारी नहीं है। पुलिस को यह भी आशंका है कि वह डॉक्टर है भी या नहीं।
इन्हीं अस्पतालों से संबंधित तो नहीं केतन
मामले में दिल्ली के फोर्टिस, पीएसआरआई और सर गंगाराम अस्पताल का नाम सामने आया है। इसलिए एसआईटी पता कर रही है कि डॉक्टर केतन इन्हीं तीनों में से किसी अस्पताल का डॉक्टर, कर्मचारी या स्टाफ हो सकता है।
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डॉक्टर है भी या नहीं, पुष्टि नहीं
दरअसल बर्रा क्षेत्र से पकड़े गए सरगना टी राजकुमार ने बताया था कि डॉ. केतन कौशिक के माध्यम से वह डोनरों को टर्की, श्रीलंका, नेपाल आदि देशों में भेजता था। पुलिस के मुताबिक वह टी राजकुमार से हर बार अलग-अलग जगहों पर मिलता था। बाजार, रेस्टोरेंट या किसी मॉल में बुलाता था। इसलिए उसके बारे में डोनर जुटाने वाले गिरोह के पास भी अधिक जानकारी नहीं है। पुलिस को यह भी आशंका है कि वह डॉक्टर है भी या नहीं।
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इन्हीं अस्पतालों से संबंधित तो नहीं केतन
मामले में दिल्ली के फोर्टिस, पीएसआरआई और सर गंगाराम अस्पताल का नाम सामने आया है। इसलिए एसआईटी पता कर रही है कि डॉक्टर केतन इन्हीं तीनों में से किसी अस्पताल का डॉक्टर, कर्मचारी या स्टाफ हो सकता है।
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इसलिए केतन को पकड़ना जरूरी
विदेश में बड़े पैमाने पर किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट करवाए गए हैं। एक-एक केस में 50 लाख से एक-एक करोड़ तक वसूले गए हैं। इसलिए पुलिस का केतन के पास पहुंचना बहुत जरूरी हो गया है। केतन की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
विदेश में बड़े पैमाने पर किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट करवाए गए हैं। एक-एक केस में 50 लाख से एक-एक करोड़ तक वसूले गए हैं। इसलिए पुलिस का केतन के पास पहुंचना बहुत जरूरी हो गया है। केतन की गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
अभी तक केवल डॉ. केतन कौशिक का नाम व उसकी भूमिका का पता चला है। उसके क्लीनिक का नाम क्या है? पता क्या है? दिल्ली में कहां रहता है? इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। ये डॉक्टर है भी या नहीं, यह भी पता किया जा रहा है। - रवीना त्यागी, एसपी साउथ
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पुख्ता सुबूत हाथ लगने के बाद ही पद्मश्री डॉक्टर से पूछताछ
किडनी कांड में दिल्ली के एक पद्मश्री डॉक्टर का नाम भी सामने आ चुका है। हालांकि कोई ठोस सुबूत न होने के कारण पुलिस अभी उनसे पूछताछ नहीं करेगी। जांच के लिए गठित एसआईटी डॉक्टर के खिलाफ सुबूत जुटाने में जुट गई है। किडनी कांड के आरोपी टी राजकुमार, सबूर और शैलेष अपोलो कांड में भी जेल गए थे। इसलिए एसआईटी अपोलो किडनी कांड से भी इस मामले को जोड़कर पड़ताल कर रही है। एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि आरोपियों ने पद्मश्री डॉक्टर का नाम तो लिया था लेकिन इसी आधार पर उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती।
कागजात सत्यापन तक सीमित है जांच
किडनी कांड की जांच के लिए एसएसपी ने एसपी साउथ की निगरानी में 12 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। पिछले तीन दिनों से जांच अधिकारी केवल बनाए गए गवाहों से पूछताछ करने में जुटे हैं। एसएसपी ने एसआईटी के गठन के बाद ही कहा था कि एक टीम तुरंत दिल्ली जाएगी लेकिन अभी तक एसआईटी दस्तावेजों के सत्यापन में ही लगी है।
आरोपियों को मिल रहा बचने का समय
मामले में पुलिस ने पीएसआरआई अस्पताल की कोआर्डिनेटर सुनीता वर्मा, फोर्टिस अस्पताल की कोआर्डिनेटर सोनिका व मिथुन को भी जांच में शामिल किया है। अभी तक किसी से कोई पूछताछ नहीं हुई। देरी की वजह से आरोपियों को बचने का पूरा समय मिल रहा है।
किडनी कांड में दिल्ली के एक पद्मश्री डॉक्टर का नाम भी सामने आ चुका है। हालांकि कोई ठोस सुबूत न होने के कारण पुलिस अभी उनसे पूछताछ नहीं करेगी। जांच के लिए गठित एसआईटी डॉक्टर के खिलाफ सुबूत जुटाने में जुट गई है। किडनी कांड के आरोपी टी राजकुमार, सबूर और शैलेष अपोलो कांड में भी जेल गए थे। इसलिए एसआईटी अपोलो किडनी कांड से भी इस मामले को जोड़कर पड़ताल कर रही है। एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि आरोपियों ने पद्मश्री डॉक्टर का नाम तो लिया था लेकिन इसी आधार पर उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती।
कागजात सत्यापन तक सीमित है जांच
किडनी कांड की जांच के लिए एसएसपी ने एसपी साउथ की निगरानी में 12 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। पिछले तीन दिनों से जांच अधिकारी केवल बनाए गए गवाहों से पूछताछ करने में जुटे हैं। एसएसपी ने एसआईटी के गठन के बाद ही कहा था कि एक टीम तुरंत दिल्ली जाएगी लेकिन अभी तक एसआईटी दस्तावेजों के सत्यापन में ही लगी है।
आरोपियों को मिल रहा बचने का समय
मामले में पुलिस ने पीएसआरआई अस्पताल की कोआर्डिनेटर सुनीता वर्मा, फोर्टिस अस्पताल की कोआर्डिनेटर सोनिका व मिथुन को भी जांच में शामिल किया है। अभी तक किसी से कोई पूछताछ नहीं हुई। देरी की वजह से आरोपियों को बचने का पूरा समय मिल रहा है।