कानपुर के गोविंदनगर में मासूम सगे भाइयों के अपहरण करने वाले शातिरों ने पूछताछ में चौकाने वाली बात बताई है। आरोपियों का इरादा सिर्फ ढाई वर्ष के मासूम को अगवा कर बेचने का था। बड़े को वह अगवा भी नहीं करना चाहते थे। हालांकि जब उसने छोटे को अकेला नहीं छोड़ा तो तय किया कि मौका मिलने पर बड़े की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया जाएगा। दोनों आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
गोविंदनगर इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया है कि पूछताछ में राजू उर्फ बउवा चाचा ने आरोपियों ने कबूला है कि अमित ने सिर्फ छोटे बच्चे को अगवा करने को कहा था।
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कानपुर में बच्चों का अपहरण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छोटे को अकेले दुकान पर छोड़ने को नहीं हुआ तैयार
इसके पीछे मंशा यह थी कि छोटा बच्चा जहां भी बेचा जाता। वहां लोगों से जल्द ही घुल मिल जाता। यही वजह थी कि पहले प्रयास में उसने बड़े भाई को 20 रुपये देकर घर पर दूध देकर आने को कहा लेकिन वह छोटे को अकेले दुकान पर छोड़ने को तैयार नहीं हुआ।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसीलिए दूसरे प्रयास में दोनों को बाइक में बैठा लिया। राजू के मुताबिक बच्चों के पिता की बर्फ की दुकान है। उसी के बगल में रवि मछली बेचता है। ऐसे में बच्चे उसे अच्छे से पहचानते और चाचा कह कर बुलाते हैं।
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कानपुर में बच्चों का अपहरण, बाइक पर ले जाते आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रवि को डर था कि बड़ा भाई जिंदा रहा तो वह उसके बारे में किसी न किसी को बता सकता है। इसीलिए रवि ने उसकी हत्या करने का प्लान बनाया था कि ट्रेन से मेरठ ले जाते समय बड़े भाई को ट्रेन से धक्का देकर मार डालेंगे। हालांकि इस बीच पुलिस ने उसके घर पर दबिश दे दी।
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कानपुर में बच्चों का अपहरण, बाइक पर ले जाते आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़े जाने के डर से दोनों बच्चों को लेकर गोविंदनगर लौट आया। गोविंदनगर इंस्पेक्टर के मुताबिक तीसरे आरोपी अमित की लोकेशन मेरठ में मिली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।