कानपुर में नई सड़क पर हुए बवाल में हाजी मुख्तार अहमद उर्फ मुख्तार बाबा अपने कुछ बिल्डर मित्रों के साथ मिलकर बवाल की आड़ में चंद्रेश्वर हाता पर कब्जा करना चाहता था। इसका खुलासा पूछताछ के दौरान मुख्तार बाबा ने किया।
Kanpur Violence: चंद्रेश्वर हाता कब्जाना चाहता था मुख्तार बाबा, एसआईटी के अफसरों ने किया दावा
अब बाबा के परिजन और बिल्डर मोहम्मद वसी की बारी
रिमांड के दौरान हयात ने बिल्डर मोहम्मद वसी समेत छह बिल्डरों के नाम बताए थे। एसआईटी में शामिल अधिकारियों के मुताबिक अब इस मामले में अगली गिरफ्तारी मुख्तार के परिजन और बिल्डर मोहम्मद वसी की हो सकती है। मुख्तार बाबा का एक परिजन भी फंडिंग करने में शामिल था।
तीन दिन में पांच लाख नकद दिए थे
मुख्तार बाबा से पूछताछ के दौरान एसआईटी को पता चला कि 1 जून से 3 जून के बीच हयात और उसके संगठन को पांच लाख रुपये दिए गए थे, जिसमें एक जून को उसे दो लाख रुपये नगद दिए गए थे।
रेस्टोरेंट में बैठक कर होती थी प्लानिंग
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि मुख्तार बाबा की गिरफ्तारी के बाद पता किया जा रहा है कि उसने बवाल में कितने रुपये खर्च किए और किसको-किसको रुपये बांटे? बवाल के पीछे और कौन लोग शामिल हैं? सूत्रों के अनुसार बेकनगंज स्थित रेस्टोरेंट में बैठकर ही दर्जनों बार बवाल की प्लानिंग की गई, यहां रुपयों के लेनदेन के कई सुबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
हिंसा में कुल सात एफआईआर दर्ज
कानपुर में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने मामले में बेकनगंज थाने में तीन एफआईआर दर्ज की थी, इसमें 43 लोगों को नामजद और 1000 से ज्यादा अज्ञात आरोपी थे। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर चार एफआईआर दर्ज की गई।