फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

...तस्वीरों में देखें, ‘यूथ फेस्टिवल’ का जबरदस्त धमाल, डांस-ड्रामा और मस्ती

Sat, 10 Dec 2016 01:23 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 10 Dec 2016 01:23 PM IST
विज्ञापन
kanpur university colored youth festival
कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती - फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
कानपुर यूनिवर्सिटी के युवा महोत्सव का आगाज हो चुका है। पहले दिन डांस, ड्रामा का रंग जमा। हास्य नाटिका के जरिये भ्रष्टाचार पर करारा कटाक्ष किया गया।  काला धन और नोट बंदी पर केंद्र सरकार के फैसले को सराहा। ग्रुप डांस भी हुआ। चित्रकारी, आन द स्पॉट पेपर और पोस्टर प्रजेंटेशन कराया गया। शास्त्रीय संगीत और लोक नृत्य की भी धूम रही। 

चित्रकारी, आन द स्पॉट पेपर और पोस्टर प्रजेंटेशन

kanpur university colored youth festival
कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती - फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
चित्रकारी, आन द स्पॉट पेपर और पोस्टर प्रजेंटेशन कराया गया। शास्त्रीय संगीत और लोक नृत्य की भी धूम रही। तीन दिवसीय (9-11 दिसंबर) युवा महोत्सव का उद्घाटन शुक्रवार को इंटरनेशनल ऑडिटोरियम में कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन, प्रति कुलपति प्रो. आरसी कटियार और योग गुरु ओम प्रकाश आनंद ने किया। फिर गीत, संगीत की महफिल जमी और स्टूडेंटों ने धमाल मचाया। 

स्वच्छता अभियान, वाई-फाई और भ्रष्टाचार विरोध की मुहिम

kanpur university colored youth festival
कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती - फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
हास्य नाटिका के जरिये डीजी पीजी कॉलेज की छात्राओं (समृद्धि मिश्रा, ऋचा श्रीवास्तव, प्रगति तिवारी और अंकिता) ने स्वच्छता अभियान, वाई-फाई और भ्रष्टाचार विरोध मुहिम का मामला उठाया। संदेश दिया कि अब टेंडर, कामकाज में देरी और गुणवत्ता से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सबको जिम्मेदारी से काम करना होगा। नशेबाजी से दूर रहने का संदेश भी दिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाएं भी सशक्त हैं

kanpur university colored youth festival
कानपुर यूनिवर्सिटी के यूथ फेस्टिवल में ऐसे हुई मस्ती - फोटो : रविन्दर सिंह भाटिया
नाटक प्रस्तुत करके महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने बहु का दर्द दर्शाया। बताया कि पति, सास-ससुर की अपेक्षाएं बहु से अधिक रहती हैं। पति सोचता है कि जॉब करके पैसा दिया और जिम्मेदारी खत्म। पत्नी ही बच्चों को पाले और पढ़ाई का इंतजाम देखे। परिवार की अन्य जरूरतों को भी पूरा करें। अब ऐसा नहीं है। महिलाएं भी सशक्त हैं। परिवार चलाने और संभालने की जिम्मेदारी महिला, पुरुष दोनों की होती है। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed