हमार चिरइया उड़ि गई अब हम कइसे जियब...हमका हर हाल मा इंसाफ चाही। फूल से बच्ची का स्कूल वाले छीन लिहनिन। अपनी बिटिया के दोषी का कतई न छोड़ब। जइके लिए दिन रात मेहनत करिके दिन-रात पढ़ा रही राहिन उई हम सबका धोखा देकर चली गई। अंतिम संस्कार करे के बाद काकादेव थाना जाकर तहरीर देेबे।
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रोते बिलखते परिजन
- फोटो : amar ujala
ये शब्द फूट-फूटकर बिलखते मुकुल आनंद के हैं, जिनकी बेटी संस्कृति ने गोल चौराहे के पास ट्रेन से कटकर जान दी थी। सोमवार को दिलदहला देने वाली घटना के बाद मंगलवार सुबह संस्कृति का पोस्टमॉर्टम किया गया। अधिक रक्तस्त्राव मौत का कारण निकला है। दोपहर 12 बजे परिजन शव लेकर निकले, तो छात्रा की दादी अनीता और मामी शव से लिपटकर रोने बिलखने लगे।
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घटनास्थल से बरामद सामान
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जिलाधिकारी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग
वहीं, बाबा राजेश ने कहा कि वह जिलाधिकारी से एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद परिजन शव लेकर घर रवाना हो गए। आवास विकास-एक केशवपुरम निवासी छात्रा जवाहर नगर स्थित ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन स्कूल में नौवीं की छात्रा थी। परिवार में मां साधना व बड़ा भाई अरनव है।
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घटनास्थल से छात्रा का बैग ले जाते परिजन
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घटना के बाद से बेटी अवसाद में थी
मां के अनुसार सोमवार को बेटी स्कूल बैग में बुके बनाकर और चॉकलेट रखकर ले गई थी जिस पर टीचर ने डांट स्कूल में उसे सबके सामने डांटा था। इसी को लेकर उन्हें स्कूल बुलाया गया था। घटना के बाद से बेटी काफी अवसाद में थी। मां के अनुसार गोल चौराहे तक वह उनके साथ आई इसके बाद बेटी ने उन्हें घर भेजकर कुछ देर में आने के लिए कहा। इसके बाद उसने जान दे दी। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है।
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छात्रा की फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
ये था पूरा मामला
काकादेव थानाक्षेत्र में गोलचौराहे से श्रम विभाग की ओर सौ मीटर दूर सोमवार की शाम ओंकारेश्वर स्कूल की नवीं की छात्रा ने रेलवे पटरी पर गर्दन रखकर ट्रेन से कटकर जान दे दी थी। स्कूली छात्रा का सिर धड़ से अलग देख राहगीरों में हड़कंप मच गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्कूल बैग में कॉपी में लिखे पते से परिजनों को जानकारी दी, तो चीखपुकार मच गई।